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बॉर्डर पर कई जगह नहीं लगे कंटीले तार

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के किशनगंज सेक्टर मुख्यालय के अधीन भारत-बांग्लादेश की 170 कि.मी. लंबी सीमा पट्टी पर कई जगहों पर कंटीले तारों की बाड़ अब तक नहीं लगाई जा सकी है।ड्ढr बाड़ नहीं लगने से इन जगहों से बांग्लादेशी घुसपैठ की आशंका बनी हुई है।ड्ढr ड्ढr बीएसएफ सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल राज्य अंतर्गत पड़ने वाले संपूर्ण 170 कि.मी. लंबे सीमा क्षेत्र के फांसी देवा क्षेत्र में करीब 3 कि.मी., मुड़ीखौआ क्षेत्र में करीब 2 कि.मी., चोपड़ा थाना क्षेत्राधीन हपटियागंज में 2 कि.मी. तथा वर्मन बस्ती में करीब 1 कि.मी लंबी सीमा पर बाड़ नहीं लग सका है। इसका कारण बार्डर पर सघन आबादी एवं भूमि अधिग्रहण की समस्याएं बताई गईं हैं। सूत्रों ने बताया कि शेष करीब 160 कि.मी. लंबी सीमा पट्टी पर कंटीले तारों की बाड़ जरूर लगी है, किंतु बाड़ में पाकिस्तान बार्डर की तर्ज पर विद्युतीय प्रवाह नहीं होने से घुसपैठ कराने वाले गिरोह सक्रिय हैं। वे बांस से तारों के बीच फासला बनाकर या लकड़ी का पटरा बनाकर बांग्लादेशियों व मवेशियों को इस पार प्रवेश कराते हैं।ड्ढr ड्ढr बीएसएफ सूत्रों ने बताया कि किशनगंज बीएसएफ सेक्टर के अधीन बार्डर पर पहरदारी के लिए महज तीन बटालियन तैनात है और साइकिल से जवान कई कि.मी. लंबे बार्डर की चौकसी करते हैं। रात्रि में पहरदारी के लिए अभी भी करीब 110 कि.मी. लंबे बार्डर पर फ्लड लाइट की व्यवस्था नहीं हुई है।ड्ढr ड्ढr इधर, सुप्रीम कोर्ट द्वारा बांग्लादेशी घुसपैठ की समस्या पर संज्ञान लेने एवं केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिंदबरम द्वारा भी बयान जारी किये जाने के बाद पाकिस्तान बार्डर की तर्ज पर बांग्लादेश बार्डर पर भी चाक चौबंद इंतजाम किये जाने की उम्मीदें बीएसएफ को भी है।

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