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मेरठ से दिल्ली और दिल्ली से अलवर का है पहला फेज

राजस्थान,हरियाणा,दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों की कनेक्टिविटी को आसमान पर ले जाने वाले एनसीआर बोर्ड के रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम के मैप पर नोएडा भी होगा। अथॉरिटी द्वारा मांगी गई राय पर सहमति जताते हुए प्लान को मंजूरी दे दी गई है।


दिल्ली एनसीआर में आसमान छूती जमीन की कीमतों और दूर-दराज से आने वालों को जल्द ही बेहतरीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट मिल सकेगा। वहीं सड़कों पर दिनोंदिन बढ़ रहे यातायात भी कम हो जाएगा। एनसीआर बोर्ड द्वारा तैयार की गई रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम की प्लानिंग में नोएडा भी शामिल हो गया है। मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा इस प्रोजेक्ट को मंजूरी देते हुए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। 


आनंद विहार से मेरठ तक सौ की स्पीड से दौड़ने वाली ट्रेन पल्लवपुरम तक बेगमपुल होते हुए जाएंगी। हजारों करोड़ के इस प्रोजेक्ट की लाईने नेशनल हाईवे पर एलीवेटेड ट्रैक पर दौड़ेंगी। जिसमें से एक रूट नेशनल हाईवे-24 पर भी रहेगा। जिससे नोएडा को कनेक्ट किया जाएगा। इससे नोएडा भी राजस्थान, दिल्ली और मेरठ से एक और साधन से कनेक्ट हो जाएगा। अथॉरिटी ने इस प्लान को मंजूरी देते हुए कनेक्टिविटी का एक और साधन बनने की राह खोल दी है। 
सेक्टर-62 आनी है मेट्रो
ग्रेटर नोएडा से पहले सेक्टर-62 के मेट्रो के प्लान को काफी पहले मंजूरी दे दी गई थी। जिसके लिए डीपीआर (डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) डीएनआरसी तैयार कर रहा है। इसके बनने से ट्रांस हिंडन एरिया नोएडा और दिल्ली से कनेक्ट हो जाएगा। वहीं नेशनल हाईवे-24 और शहर के अंदर सड़कों पर यातायात का लोड भी कम होगा।
 इससे ही कनेक्ट करने प्लान की उम्मीद
 दिल्ली से नोएडा के कनेक्ट होने के बाद अब अन्य शहरों की कनेक्टिविटी में मेट्रो ही प्रमुख रोल निभाएगी। नेशनल हाईवे-24 पर मेट्रो के आने के बाद वहां से रैपिड रेल के जरिए लोगों की उड़ान में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। वहीं बस साधन बदलो और निकल जाओ जिधर भी जाना हो।  
मेट्रो से इन इलाकों को मिलेगा लाभ
--सेक्टर-32 से नेश्नल हाईवे-24 तक पड़ने वाले सभी सेक्टरवासियों को होगा लाभ
--खासतौर पर इंडस्ट्रियल सेक्टर्स जैसे-58,62,63 में काम करने वाले हजारों को लाभ
--पूरे ट्रांस हिंडन इलाके के लाखों लोगों के लिए दिल्ली जाने में नहीं होगी परेशानी
--नेश्नल हाईवे-24 पर भी यातायात का बोझ हो जाएगा कम मुख्य बिंदु
--इस रूट पर चार स्टेशन बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है
--जिसमें 60-61,ममूरा,फ ोर्टिस और एनआईबी चौकी
--दो वर्ष में प्रोजेक्ट को पूरा करने की है यह योजना
--डीपीआर बनने के बाद बोर्ड करेगा प्रस्ताव पास एनसीआर बोर्ड के इस प्रोजेक्ट को सरकारों ने सहमति प्रदान कर दी है। पूरे प्रोजेक्ट में आने वाली लागत का 12.5%  प्रदेश सरकार को देना है। जिसमें से विभिन्न अथॉरिटीज को दस प्रतिशत वहन करना होगा। बोर्ड द्वारा भेजे गए प्लान को अथॉरिटी ने मंजूरी प्रदान करते हुए। प्लान तैयार करने को कहा है।  वीरेश्वर सिंह(डीसीईओ,नोएडा)

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