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राणे ने भूमि हड़पने के आरोप खारिज किए

राणे ने भूमि हड़पने के आरोप खारिज किए

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री नारायण राणे ने अपनी पत्नी नीलम राणे पर महाबलेश्वर में भूमि हड़पने के आरोपों को शनिवार को खारिज करते हुए कहा कि यदि मंदिर ट्रस्ट चाहे तो वह उस भूमि को वह लौटाने का तैयार हैं।

महाबलेश्वर स्थित मंदिर ट्रस्ट ने बम्बई उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करके आरोप लगाया था कि भूमि के टुकड़े को अवैध रूप से नीलम राणे को बेच दिया गया। जमीन का वह टुकड़ा उसका था। हालांकि राणे ने कहा कि जिस भूमि को लेकर विवाद खड़ा हुआ है उसके सर्वेक्षण नम्बर 109 के समय राधाभाई महाबलेश्वर के कब्जे में था। वर्ष 1945 में सुरेशचंद्र पंचाल ने इसे खरीदा था। वर्ष 1985 में इस पर गलत ढंग से मंदिर ट्रस्ट का नाम चढ़ गया जिसके खिलाफ पंचाल ने एक शिकायत दर्ज कराई है।

राणे ने दावा किया कि पंचाल की शिकायत के बाद राजस्व विभाग ने वर्ष 2008 में अपने रिकार्ड को सही किया। उन्होंने कहा कि नीलम ने 15 वर्ष पहले करीब आधा एकड़ भूमि पंचाल से खरीदी थी क्योंकि उसे अपने बेटे के इलाज के लिए रुपये की जरूरत थी। यह जमीन एक लाख 40 हजार रुपये में खरीदी गई थी। उन्होंने कहा कि यह भूमि सौदा पूरी तरह से वैध और पारदर्शी था लेकिन मंदिर ट्रस्ट अब यह जमीन चाहता है। मैं यह जमीन अदालत की अनुमति से उन्हें देने को तैयार हूं।

उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने पंचाल और राणे के बीच भूमि सौदे पर कल रोक लगाने के साथ ही आगामी आदेश तक यथास्थिति बनाए रखने को कहा था।

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