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मुथूट फाईनान्स कंपनी में एक करोड़ की डकैती

देश की मशहूर मुथूट फाईनान्स कंपनी के गाजियाबाद स्थित शालीमार गार्डन ब्रांच पर दिनदहाडे एक दर्जन से ज्यादा हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोल दिया। बदमाशों ने ब्रांच मैनेजर समेत सात लोगों को बंधक बना कर करीब एक करोड के आभूषण व 6 लाख की नगदी लूटी और फरार हो गए। बदमाशों ने ब्रांच मैनजेर के विरोध करने पर उस पर जानलेवा हमला किया और सीसीई (कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव) के रूप में कार्यरत युवती को बुरी तरह मारा-पीटा और उसके भी सोने के आभूषण लूट कर ले गए। ब्रांच मैनेजर की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
 मुथूट फाईनेन्स कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर अभिनव चौबे ने बताया कि शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2 स्थित ब्रांच सुबह करीब 9 बजे खुल जाती है। रोजाना की तरह शनिवार सुबह ब्रांच मैनेजर शेलेंद्र मोहन झा, सीसीई सान्या, सेल्स एक्जीक्यूटिव नवीन समेत कुल 6 लोग अपने-अपने कार्य में मश्गूल थे। ब्रांच के गेट पर सुरक्षाकर्मी र्विजन सिंह तैनात था। करीब पौने दस बजे एक ग्राहक भी आया हुआ था। करीब पौने दस बजे नवीन कंपनी से बाहर निकल रहा था तभी गेट के पास तीन-चार हथियारबंद बदमाश आए और सुरक्षाकर्मी विर्जन सिंह को बंधक बना कर ब्रांच के अंदर ले गए। इतने में मौका देख कर नवीन बाहर निकल आया और उसने फौरन मामले की सूचना लाजपत नगर, दिल्ली हेड ऑफिस में सेल्स हेड नितिन को दी। नितिन ने नवीन को फौरन पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना देने को कहा। जहां करीब 10 बज कर 51 मिनट पर नवीन ने पुलिस को सूचना दे दी। मगर 20 मिनट तक पुलिस मौके पर नहीं आई। नवीन फौरन साहिबाबाद थाने पहुंच कर मामले की सूचना दी तब जा कर पुलिस मौके पर पहुंची। इतने में पता लगा कि बदमाश ब्रांच में लूटपाट कर फरार हो चुके थे। कंपनी में 12 से 15बदमाशों ने धावा बोला था जहां उन्हेंने हथियार के बल पर शेलेंद्र मोहन, सुरक्षाकर्मी, विर्जन सिंह, सान्या समेत कुल सात लोगों को स्ट्रांग रूम में बंधक बना लिया।
 बदमाशों ने मैनेजर शेलेंद्र मोहन से लॉकर की चाभी मांगी, शेलेंद्र ने चाभी देने से मना किया तो एक बदमाश ने तमंचे के बट से शेलेंद्र के सिर पर वार कर घायल कर दिया। बदमाशों ने वहां सभी लोगों की जमकर पिटाई। बदमाशों ने सेफ में रखे करीब 80 पैकेट व 6 लाख की नगदी लूट कर ले गए। पैकेटों में करीब एक करोड के सोने के आभूषण रखे हुए थे। लूटपाट कर जाते-जाते बदमाशों ने सान्या के गले से सोने की चेन व कानों से कुंडल भी लूटी। कंपनी में साफ-सफाई करने आने वाली कुसुम जब कंपनी में पहुंची तो चीख-पुकार सुन कर स्ट्रांग रूम की तरफ गई जहां सभी लोग बंद थे। उसने स्ट्रांग रूम का दरवाजा खोला और सभी को बाहर निकाला। मौके पर पहुंचे आईजी मेरठ जोन चंद्र प्रकाश, एसएसपी रघुवीर लाल, एसपी सिटी ए.के विजेता, एसपी क्राईम जय प्रकाश समेत कई आला अधिकारी व पुलिसकर्मी पहुंच कर मामले की छान-बीन की। जांच के लिए फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, डाग स्कवायड भी घंटों तफ्तीश में जुटे रहे। मगर पुलिस के हाथ कुछ ठोस सुराग नहीं लगा। बदमाश कैसे आए और वारदात को अंजाम दे कर कैसे गए पुलिस इसका भी पता नहीं लगा पाई है।
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‘‘ डकैती की रिपोर्ट अज्ञात बदमाशों के खिलाफ दर्ज कर ली गई है। वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को जल्द चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की सूचना पा कर भी पुलिस देर से पहुंची है, तो उसकी जांच कराई जा रही है। लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।’’
-आईजी, मेरठ जोन, चंद्र प्रकाश
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ग्राहकों का माल तो लौटा देंगे, मगर उनकी भावनाओं को कौन लौटाएग जो उनके आभूषण के साथ जुडे हुए थे
-कंपनी ने ग्राहकों से मांगी माफी
-लूटे गए माल इंस्योर्ड थे, एक-एक पाई लौटाएगी कंपनी

सौरभ श्रीवास्तव/गाजियाबाद
एक करोड के आभूषण व 6 लाख की नगदी लूटे जाने का कोई गम नहीं है। दुख मात्र इस बात का है जो आभूषण बदमाश लूट कर ले गए है उन आभूषणों के साथ लोगों की भावना जुडी हई थी जो लोगों ने मजबूरीवश या सुरक्षा की दृष्टी से मुथूट फाईनान्स कंपनी में रखवाया था। यह कहना है मुथूट फाईनान्स कंपनी के ऑल इंडिया चीफ मार्केटिग ऑफिसर का। उनका कहना है कि जो सोना व नगदी बदमाश लूट कर अपने संग ले गए है व पूरी तरह से इंस्योर्ड थे। अगर पुलिस मामले का खुलासा करने में व आभूषणों की बरामदगी करने में असफल होती है तो लूटे गए पूरे माल का संबंधित इंश्योरेंस कंपनी भरपाई करेगी। जिन ग्राहकों को सोने के बदले सोना चाहिए होगा उन्हें सोना दे दिया जाएगा। ग्राहकों ने जब अपने गोल्ड को मुथूट फाईनान्स कंपनी के हवाले किया था तो उन्हें बकायादा रिशिप्ट दी गई थी जिस पर गोल्ड का भार व उसकी प्योरिटी लिखी होती है। उसके आधार पर ग्राहकों को उनके गोल्ड वापस कर दिए जाएगें। जिसे गोल्ड के ऐवेज में नगदी चाहिए होगी तो उन्हें नगदी दे दी जाएगी। हम अपने ग्राहकों की एक-एक पाई की भरपाई कर देंगे। मगर उनकी भावनाओं की भरपाई कोई नहीं कर सकता। किसी के जन्मदिन पर तो किसी के शादी के शुभ अवसर तो ऐसे कई उपलक्ष्यों पर उपहार के रूप में आभूषण ग्राहकों को मिलें होंगे जिनका माल आज बदमाश लूट कर ले गए। उन आभूषणों के साथ जो ग्राहकों की भावना या जुडाव रहा होगा उसे मुथूट फाईनेंस कंपनी कभी नहीं लौटा सकता। हमे इस बात का दुख भी है और हम ग्राहकों से कंपनी के तरफ से खेद भी प्रकट करते हैं जो हमारे ग्रहाकों की भावनाओं से खिलवाड कर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया।
 कंपनी को भरोसा है कि जो माल ग्राहकों के लूटे गए हैं वही माल पुलिस बरामद कर ले। अगर पुलिस ऐसा करने में विफल होती है तो ग्राहकों का माल उनके गोल्ड की प्योरिटी के इसाब से वापस कर दिया जाएगा। पुलिस अधिकारी का कहना है कि इस मामले का खुलासा जल्द कर दिया जाएगा। कुल पांच टीम गठित कर दी गई है और वारदात से जुडे अलग-अलग दिशाओं में वह टीम जांच कर रही है। माल की बरमादगी कर बदमाशों को दबोच लिया जाएगा।

सौरभ श्रीवास्तव
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जिन ग्राहकों के माल लूटे गए उनकी डिटेल-
1-साहिबाबाद निवासी इरफान जैदी का कहना है कि उन्होंने किसी मजबूरीवश पत्नी के आभूषण यहां गिरवी रखे थे। उन्हेंने एक लाख 30 हजार के आभूषण मुथूट फाईनान्स कंपनी को दिए हुए थे।
2-डकैती की खबर सुनते ही शालिमार गार्डन स्थित मुथूट फाईनान्स कंपनी शालीमार गार्डन निवासी कविता शर्मा पहुंची। उनका कहना था कि उन्हेंने तीन तोले की सोने की चेन कंपनी में गिरवी रखी हुई थी।
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मुथूट फाईनान्स कंपनी क्या है, कार्यप्रणाली क्या है-
भारतवर्ष में मुथूट फाईनान्स कंपनी की 1900 ब्रांच हैं। गाजियाबद में कुल 7 ब्रांच हैं और शालीमार गार्डन स्थित ब्रांच 3 जनवरी 2010 को खोली गई है। यह एक ऐसी फाईनान्स कंपनी है जहां एक ग्राहक तीन ग्राम से लेकर 300 किलो तक एक साथ सोना या सोने के आभूषण बतौर गिरवी या लॉकर में रख सकता है। बतौर गिरवी वजन किए गए सोने के ऐवेज में ग्रहक को सोने की प्योरिटी देख कर न्यूनतम 60 प्रतिशत और अधिकत्म 90 प्रतिशत तक सोने की कुल कीमत की रकम दी जाती है। यहां पर अलग-अलग स्कीम हैं जिसके आधार पर ब्याज लिया जाता है। वहीं यहां पर नगदी जमा करने की भी सुविधा है। नगदी फिक्स डिपाजिट के रूप में जमा की जाती है। फिक्स डिपाजिट की रकम न्यूनतम 5 हजार रु पए होनी चाहिए। प्रति वर्ष 10 प्रतिशत ग्राहक को मिलता है। और अगर 6 वर्ष के लिए रकम फिक्स की जाती है तो जमा किए गए रकम को दुगना हो जाता है। इसी कार्यप्रणाली पर इस कंपनी के देश भर के सभी ब्रांच कार्य करते हैं।
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पूर्व में बैंकों में हुई वारदातें..
--वसुंधरा स्थित कॉर्पोरेशन बैंक में गार्ड को बंधक बना डकैती का प्रयास
--इंदिरापुरम के पंजाब एंड सिंध बैंक में बदमाशों ने लूट का प्रयास किया
--वैशाली सेक्टर-3 स्थित सिंडिकेट बैंक में 7 लाख की लूट
--कौशांबी आईआईसीआई बैंक में तीस लाख की लूट
--वसुंधरा स्थित स्टेट बैंक में लूट का प्रयास
--वसुंधरा प्लाजा में एसबीआई के एटीएम का ताला तोड़ चोरी
--राजेन्द्र नगर पीएनबी का एटीएम तोड़ने का प्रयास
--शालीमार गार्डन में एचडीएफसी बैंक के बाहर पेट्रोल पंप कर्मचारी से लाखों की लूट
--गांधी नगर स्थित बड़ौदा बैंक में चोरी का प्रयास
--आरडीसी स्थित एचडीएफसी बैंक के सामने ट्रांसपोर्ट मुनीम से लाखों की लूट

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