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उत्तर कोरिया के कारण दावेदारी से हटा था दक्षिण कोरिया

एशिया की खेल महाशक्तियों में से एक दक्षिण कोरिया को 1970 में उत्तर कोरिया से संभावित खतरे के कारण एशियाई खेलों की मेजबानी की दावेदारी से हटना पड़ा था। जिसके बाद थाईलैंड का शहर बैंकाक आगे आया और लगातार दो बार इस प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिता की मेजबानी करने वाला पहला और एकमात्र देश बना।

दक्षिण कोरिया को इसके बाद एशियाई खेलों की मेजबानी करने के लिए 16 बरस का लंबा इंतजार करना पड़ा और उसने पहली बार 1986 में सोल में एशियाई खेलों का आयोजन किया।
 दूसरी तरफ थाईलैंड ने 1966 के बाद 1970 में भी लगातार दूसरी बार एशियाड की मेजबानी का जिम्मा उठाया और इसके लिए उसे दक्षिण कोरिया को दिया जाने वाला कोष भी मिला।

बैंकाक ने 1978 और 1998 में भी एशियाई खेलों की मेजबानी की और वह चार बार खेलों की मेजबानी करने वाला एकमात्र शहर है। भारत 1970 एशियाई खेलों में भी 1966 खेलों की तरह पांचवें स्थान पर ही रहा और उसने छह स्वर्ण, नौ रजत और 10 कांस्य पदक सहित कुल 25 पदक हासिल किये।

भारतीय एथलीट एक बार फिर इन खेलों के स्टार रहे, जबकि पहलवानों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। भारत ने छह स्वर्ण पदक में से पांच एथलेटिक्स में जीते, जबकि कुश्ती में भी उसे एक स्वर्ण मिला।
भारत के लिए एथलेटिक्स के पुरुष वर्ग में मोहिंदर सिंह गिल [ट्रिपल जंप], जोगिंदर सिंह [गोला फेंक] और महाभारत में भीम की भूमिका निभाने वाले प्रवीण कुमार [चक्का फेंक] ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि महिलाओं की चार सौ मीटर दौड़ में कमलजीत संधू ने बाजी मारी। कुश्ती में चंदगीराम ने भारत को 100 किग्रा स्पर्धा में सोने का तमगा दिलाया।

भारत ने एथलेटिक्स में पांच स्वर्ण के अलावा पांच रजत और इतने ही कांस्य पदक भी जीते। उसे श्रीराम सिंह ने 800 मीटर दौड़, एडवर्ड सिक्वेरा ने 5000 मीटर, लाभ सिंह ने त्रिकूद, एमजी शेट्टी ने डेकाथलन में रजत पदक दिलाया, जबकि चार गुणा चार सौ रिले टीम को भी रजत पदक मिला।

भारत को एथलेटिक्स में कांस्य पदक दिलाने वालों की सूची में सुचा सिंह [400 मीटर], गुरमेज सिंह [3000 मीटर स्टेपलचीज], लाभ सिंह [उंची कूद], भीम सिंह [उंची कूद और चार गुणा सौ मीटर रिले टीम] का नाम रहा। कुश्ती में चंदगीराम के स्वर्ण के अलावा जीत सिंह ने 90 किग्रा वर्ग में रजत जबकि ओम प्रकाश सिंह [68 किग्रा], मुख्तियार सिंह [74 किग्रा] और नेत्रपाल [82 किग्रा] ने कांस्य पदक जीता।

इसके अलावा भारतीय हाकी टीम और वाटरपोलो टीम ने भी रजत पदक जीता। जापान इन खेलों में एक बार फिर अपना दबदबा साबित करते हुए 74 स्वर्ण, 47 रजत और 23 कांस्य पदक सहित कुल 144 पदक के साथ पहले स्थान पर रहा। दक्षिण कोरिया ने 18 स्वर्ण, 13 रजत और 23 कांस्य के साथ दूसरा] जबकि मेजबान थाईलैंड ने नौ स्वर्ण, 17 रजत और 13 कांस्य के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। चौबीस अगस्त से चार सितंबर तक हुए इन खेलों में 16 देशों के 2400 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया जिसमें 13 खेलों की 135 स्पर्धाओं का आयोजन किया गया।

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