अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

10 का दम हैप्पी दीवाली

10 का दम हैप्पी दीवाली

दिवाली से जुड़ा हर पल इतना अनोखा व उल्लासमय होता है कि लोग कड़वाहट भूलकर हर किसी को अपनी खुशियों में रंगने को आतुर हो उठते हैं। माहौल में तैरती प्रार्थनाएं, साथ बैठकर किए जाने वाला पूजा-पाठ और रोशनी रिश्तों को जोड़ने का काम करती है। थोड़ी सी कोशिश की जाए तो आप भी हर दिल में जला सकती हैं खुशियों के अनार

बहुत काम आता है इमरजेंसी फंड

दिवाली जहां एक ओर उल्लास का माहौल निर्मित करती है, दूसरी ओर आपके खर्च में भी इजाफा कर देती है। बाजार में उपलब्ध नई-नई चीजों व जगह-जगह लगी फेस्टिव सेल देख लगता है कि सब कुछ खरीद लिया जाए। इस चक्कर में गैरजरूरी चीजें भी हम खरीद लेते हैं। लेकिन ऐसा करते समय अक्सर बजट से बाहर खर्चा हो जाता है और अनपेक्षित खर्चों के एकदम आ जाने से त्योहार का मजा किरकिरा हो जाता है। त्योहार के दौरान उपहार के खर्च बढ़ जाते हैं और मेहमानों का आगमन भी। मेहमानों के आदर-सत्कार में कोई कमी रह जाए तो संबंधों में खटास आते देर नहींलगती है। ध्यान रखें कि इस समय आपको खुश भी रहना है और अपने बजट को भी देखना है। अचानक आ जाने वाले खचरें के लिए 20 प्रतिशत इमरजेंसी कोष अवश्य रखें, ताकि कुछ कमी रह जाए तो उसकी पूर्ति की जा सके।

प्यार दो.. प्यार लो, हर दिल खुशियों का अनार

दिवाली जैसे जगमगाते और खुशियों के त्योहार पर नई उपभोक्तावादी संस्कृति को अपने रिश्तों पर हावी न होने दें क्योंकि त्योहारों के दौरान रिश्तों की डोर को और मजबूत बनाया जा सकता है। दिवाली से जुड़ा हर पल इतना अनोखा व उल्लासमय होता है कि लोग कड़वाहट भूलकर हर किसी को अपनी खुशियों में रंगने को आतुर हो उठते हैं। जगमगाते दीयों की चमक सबके मन को आनंदित कर देती है। माहौल में तैरती प्रार्थनाएं, साथ बैठकर किए जाने वाला पूजा-पाठ और रोशनी रिश्तों को जोड़ने का काम करती है। थोड़ी सी कोशिश की जाए तो आप भी हर दिल में जला सकती हैं खुशियों के अनार, क्योंकि जिस तरह से हम अपने घर को सजाते हैं, उसी तरह से हम से जुड़े रिश्तों को सजाने के लिए भी यह सुनहरा अवसर है।

1 यदि घर का कोई सदस्य आपसे किसी बात पर नाराज है तो उससे मनाने की पहल करें। बस पहले करने भर की देर है और आपको एहसास होगा कि त्योहार का माहौल और भी रोशन हो गया है।

2 दिवाली पर अपने प्रियजनों व परिचितों को शुभकामना भेजना न भूलें। यदि सबके पास व्यक्तिगत तौर पर जाना संभव न हो तो उन्हें बधाई देने के लिए एसएमएस, ईमेल, ग्रीटिंग कार्डस भेजें या फोन अवश्य करें। इस अवसर पर व्यस्तता को भूल हर इस काम को करना याद रखें, इससे वे लोग प्रसन्न होंगे।

3 रोजाना काम से फुर्सत न मिल पाने का बहाने का सूत्र थामे हम अपने पड़ोसियों व नाते-रिश्तेदारों से बात करने के लिए  पांच मिनट तक का समय नहीं निकाल पाते हैं। दिवाली उनसे संवाद बनाए रखने का अहम जरिया हो सकता है।

3 केवल रिश्तेदार ही नहीं इस दिन पति-पत्नी को भी एक-दूसरे को विश करना चाहिए। इससे इनके रिश्ते में भी नवीनता आएगी।

4 अपने घर के बुजुर्गों का पैर छूकर आशीर्वाद लें। बहु अगर पैर छूकर सास को मिठाई खिलाती है और सब साथ बैठकर पूजा करते हैं तो कुछ क्षण के लिए ही सही सारी खटास दूर हो जाती है। उस समय सबके होंठों पर एक मुसकान छा जाती है और इससे धीरे-धीरे संबंधों की डोर मजबूत की जा सकती है। घर के बच्चों को भी विश करना न भूलें।

5 रिश्तेदारों को ही नहीं परिवार के सदस्यों को भी उपहार दें। उनकी पसंद का खयाल रखते हुए अगर आप उपहार देती हैं तो उन्हें इस बात की खुशी होती है कि आपको उनकी पसंद-नापसंद का खयाल है, आप उनकी भावनाओं की कद्र करती हैं।

6 इस समय परिवार के सारे लोग साथ होते हैं, इसलिए सब लोग मिलकर कार्य करें। एक-दूसरे को सहयोग दें और परामर्श भी लें। बच्चों में इस तरह परंपरा व संस्कृति से जुड़ाव के बीज बोए जा सकते है।

7 इस दिवाली बच्चों को साथ लेकर सारी तैयारी करें, ताकि वे जान सकें कि दिवाली का मतलब केवल पटाखे छोड़ना नहीं होता। घर की साफ-सफाई में उन्हें सम्मिलित करें, सफाई का महत्व समझने के साथ-साथ अपना कमरा स्वयं साफ करने की आदत भी उनमें विकसित हो जाएगी।

8 पूजा की तैयारी में घर का हर सदस्य शामिल हो चाहे वे बुजुर्ग हों या बच्चे। बच्चों को रंगोली के लिए रंग चुनने से लेकर फूल सजाने जैसे काम सौंपें।

9 पकवान, मिठाइयां व अन्य चीजें बनाने में पूरे परिवार का सहयोग लें। हर किसी को एक-एक डिश तैयार करने की जिम्मेवारी सौंपी जा सकती है। इससे एक उत्साह का संचार होगा और जब सब सदस्य एक-दूसरे के बनाए खाने की तारीफ करेंगे तो आपसी प्यार बढ़ेगा तथा रिश्ते भी मजबूत होंगे।

10 इस दिवाली एक नेक काम भी करें और वह भी पूरे परिवार के साथ। गरीब व असहाय बच्चों को पटाखे, मिठाई जाकर बांटें।

थोड़ा होश जरूरी, क्योंकि ये धूम है बड़ी

1 इस दौरान लोग हर ओर उजियारा फैलाने के लिए रंग-बिरंगे बल्ब, लड़ियां व झालरें लगाते हैं पर दिवाली की रोशनी की व्यवस्था करने से पहले यह अवश्य जांच लें कि बिजली के तार कटे या गले तो नहीं हैं। ऐसे तारों में शार्ट सर्किट होने की संभावना होती है और इससे आग भी लग सकती है।

2 बिजली की लड़ियां, बल्ब आदि इतने ऊपर लगाएं कि वे बच्चों की पहुंच से दूर हों। खेल-खेल में या पटाखे चलाते समय बल्ब फटने से उन्हें चोट लग सकती है। साथ ही बच्चों को इन लाइटों से दूर रहने के लिए पहले से ही चेतावनी दे दें।

3 इस दिन दीए रखना जहां एक ओर शुभ माना जाता है, वहीं वे पूरे घर की खूबसूरती भी बढ़ा देते हैं। लेकिन हर कोने या जगह पर उन्हें सजाने की चाह में उन्हें ऐसे स्थानों पर न रख दें, जहां से आग लगने की संभावना हो- जैसे जहां कपड़े सुखाए जा रहे हों या जहां पटाखे आदि रखे हों, उनके पास दीए या मोमबत्तियां लगाने से आग लग सकती है। आजकल ज्यादातर घरों में टाइल्स लगी होती हैं, जिन पर अगर दीयों का तेल गिर जाए तो पैर फिसलने से मोच आ सकती है। दीयों के नीचे जूट के टैबल मैट्स रख दें। तेल गिरा भी तो वे उसे सोख लेंगे।

4 पूजन के समय रुपयों की भी पूजा की जाती है। नोटों की पूजा करते समय यह सावधानी रखें कि वे दीयों या मोमबत्तियों के संपर्क में न आएं।

5 बच्चों को हमेशा पटाखे खुली जगहों पर ही छुड़ाने के लिए कहें। घर में पटाखे छुड़ाने से सख्ती से मना कर दें। पटाखे केवल अगरबत्ती या मोमबत्ती से ही जलाएं। सीधे माचिस की तीली न लगाएं।

6 जब छोटे बच्चे पटाखे छुड़ा रहे हों तो किसी बड़े को उनके साथ अवश्य होना चाहिए, बड़ों की निगरानी में पटाखे छुड़ाने से किसी भी तरह की अप्रिय घटना टाली जा सकती है।

गिफ्ट, हर एक के लिए 100 रु. में

उपहारों का आदान-प्रदान चाहे वह परिवारजनों के बीच हो या रिश्तेदारों या पड़ोसियों के बीच, आपसी संबंधों को एक मजबूती प्रदान करता है। लेकिन अपने प्यार या स्नेह को दर्शाने के लिए यह जरूरी नहीं है कि बहुत महंगे गिफ्ट ही दिए जाएं। बहुत महंगे गिफ्ट देकर आप एक तरह से दूसरे को अपना कृतज्ञ बना लेते हैं और अगर उस व्यक्ति की हैसियत उतना ही महंगा उपहार आपको देने की नहीं होती तो वह बहुत शर्म महसूस करता है। महंगे उपहार देकर अपना हक मत जताइए। उपहार सौहार्द बनाने के लिए दिए जाने चाहिए, मन में खटास पैदा करने के लिए नहीं। साथ ही लेने वाले को भी उसके महंगे या सस्ते गहने की बात पर ध्यान न देते हुए आपके प्यार को समझना चाहिए। सस्ती ही सही, पर ऐसी उपयोगी चीजें दें जिनके साथ आपकी याद हमेशा जुड़ी रहें। क्यों न इस बार महंगे नहीं, सौ रुपए की कीमत के ऐसे गिफ्ट खरीदें जिन्हें देखकर उपहार लेने वाला भी आपकी सूझबूझ की तारीफ किए बिना न रह सके।

आजकल बाजार में इतनी ज्यादा वैरायटी में कैंडल्स उपलब्ध हैं कि आप हर तरह की कैंडल या दीयों का एक हैम्पर बनवा कर उपहार में दे सकती हैं। साथ ही तरह-तरह के कैंडल होल्डर जो टेरोकोटा से लेकर सेरेमिक, कांच आदि में आपको मिल जाएंगे। इसके अतिरिक्त घरेलु उपयोग की चीजें जैसे लैंप शेड, लैंप, छोटी इमर्शन रॉड, बुक स्टैंड, चाइनीज केतली व मग भी अच्छे विकल्प हैं और जेब के लिए भारी भी नहीं। टाइमपीस, फोटो फ्रेम, कांच के सजाने व किचन में उपयोग होने वाले कटोरे तथा ट्रे भी ली जा सकती हैं। बहुत सारी कंपनियां इन दिनों बिस्कुट व जूस के पैक भी निकालती हैं, जो बहुत महंगे नहीं होते और सबको पसंद भी आते हैं।

बच्चों को गिफ्ट देना है तो पटाखे तो दिए ही जा सकते हैं, साथ ही एजुकेशनल डीवीडी या फिर बच्चों की फिल्म के वीडियो दें। थोड़े बड़े बच्चों के लिए स्टोरी बुक या किसी दिलचस्प विषय पर बुक गिफ्ट कर सकती हैं या फिर किड्स मैगजीन दे दें। कलर्स, कलर बुक आदि भी बच्चों को बहुत लुभाती हैं। बुजुर्गों को ऐसी चीज दें जो उनके काम आ सके जैसे उन्हें धर्म से जुड़ी किताबें, मैगजीन या फिर धार्मिक सीडी गिफ्ट कर सकती हैं। यदि वे मंत्र जप करते हैं तो उन्हें माला भी दी जा सकती है। अगर वे योग-साधना में दिलचस्पी रखते हैं तो उन्हें अच्छा सा योग मैट भी गिफ्ट में दिया जा सकता है। रिश्तेदारों व मित्रों को छोटी गिफ्ट बास्केट दे सकती हैं और सबसे अच्छा तो होगा कि उन्हें पौधा उपहार में दें या सिर्फ टेराकोटा व सेरेमिक के प्लांटर्स भी दिए जा सकते हैं। खुशबूदार सोप और सोप डिश, महिलाओं को कॉस्मेटिक का सामान दिया जा सकता है।

पूरा घर बदल देते हैं, बस 500 रु. काफी हैं

दिवाली बस आने ही वाली है और आपके पास अब घर की सफेदी या उसे नए सिरे से रंग-रूप देने का समय नहीं बचा है। साथ ही आप बहुत सारा खर्च करने के मूड में भी नहीं हैं। परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप फिर भी अपने पूरे घर का मेकओवर कर सकती हैं और वह भी सिर्फ 500 रूपए में। हम आपको यहां बता रहे हैं कुछ ऐसे टिप्स जिन्हें आजमाने से आपके परिवार के लोग व मेहमान इस नए लुक और आपकी क्रिएटिविटी की तारीफ किए बिना नहीं रहेंगे।

1 त्योहारों में होम डेकोर के लिए सबसे पहले आवश्यकता होती है, घर की अच्छी तरह से सफाई करने की। घर का फर्नीचर, पर्दे व कोना-कोना साफ करें।

2 सबसे अच्छी सज्जा लाइट्स से की जा सकती है। आप डेकोरेटिव लाइट्स व एलईडी लाइट्स जगह-जगह लगा सकती हैं। छोटे-बड़े लैंप, रंगीन बल्बों आदि से हर कमरे को अलग ढंग से आलोकित किया जा सकता है। ग्रासरी बैग्स से लैंपशेड तैयार करें। चार-पांच हिस्सों में बैग को फोल्ड करें पर उसे ज्यादा दबाएं नहीं। बैग से विभिन्न शेप काटें और बीड्स, मिरर और स्किवेंस से डेकोरेट कर बल्ब के साथ लटकाएं। कमरों में रोशनी की कतारों के बीच आप चमकता हुआ सितारा, ओम या स्वास्तिक को भी लटका सकती हैं। आजकल कंदीलों या लैंटर्स में रिवर लाइट्स का ट्रेंड चला है। ये कलर्ड ग्लास व ब्रास से बनी स्टैंडिंग लैंटर्स होती हैं जिन्हें किसी भी जगह डेकोरेट किया जा सकता है, चाहे वह बरामदा हो या काफी टेबल। रिवर लाइट्स की पंक्ति बहुत ही अद्भुत लगती है।

4 घंटियां त्योहारों के मौसम में बहुत ही ट्रेडिशनल लुक देती हैं। विभिन्न साइज की घंटियों व दीयों को किसी कोने में सजा दें। अलग-अलग साइज की घंटियों को दरवाजों पर टांग दें और उनके नीचे दीए रख दे। दीयों पर डेकोरेटिव मिरर लगा दें, जब आप उन्हें जलाएंगी तो उन शीशों पर लौ की जब रिफलेक्शन पड़ेगी तो वह लाइटिंग बहुत ही सुंदर लगती है। पदरें, रेलिंग या सीढ़ियों पर घुंघरू व घंटियां लटका दें।

5 गुलाब की पत्तियां डालकर आप जगह-जगह फ्लोटिंग कैंडल्स रख सकती हैं। कलर्ड बीड्स को क्रि स्टल बाउल में डालकर उसमें पानी भर दें। उसमें थोड़ी चमकी डालकर सेंटर टेबल पर सजा दें।
 
6 रिबन का इस्तेमाल कर आप बहुत खूबसूरत हैंगिग बना सकती हैं। रिबन से फूल बनाकर उसपर उसी रंग का एक ताजा फूल लगा दें और हर कमरे के दरवाजे पर टांग दें। इन्हें आप दीवारों पर भी टेप की सहायता से चिपका सकती हैं। दरवाजों के नॉब्स पर कलरफुल रिबन लगाए जा सकते हैं।

7 सिलेंडर के आकार के हैंड पेंटेड पॉट्स लेकर उसमें लंबी डंडियों वाले फूल सजा दें। अगर कुछ और रचनात्मक करना चाहती हैं तो लकड़ी के समान आकार के तीन क्यूब कटवाकर उसे अलग-अलग ढंग से अरेंजकर जैसे सीढ़ीनुमा या साथ-साथ रखते हुए उस पर कैंड्ल्स या कोई पीतल या तांबे की कलाकृति सजा दें। ऐसे छोटे मिट्टी के गमले खरीदें जो एक सिंगल टी लाइट में फिट हो सकें और अपनी बालकनी को डेकोरेट करने में उनका प्रयोग करें। वे अनेक रंगों में मिलते हैं और पर बीड्स, मिरर आदि लगे होते हैं।

8 अपनी पुरानी काटन व सिल्क की साड़ियों में प्लीट्स डालते हुए उन्हें दीवारों व खिड़कियों पर लहरदार शेप में टांग दें। अपने फर्नीचर को सिल्क साड़ियों, दुपट्टों या स्टोल्स से भी एक नया अंदाज दे सकती हैं। गेंदे के फूलों की लड़ियों को पदरें के पास टांग दें।  

9 कांच की चूड़ियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ें और एक पारदर्शी बाउल में डाल दें। इसे लाइट के नीचे रख दें। देखिए किसे हर ओर रंग बिखर जाते हैं। चूड़ियों की माला बनाकर उसे आकर्षक कोर्नर पीस की तरह तैयार किया जा सकता है।

10 नई फर्नीशिंग खरीदना मुमकिन नहीं है, इसलिए अपने सोफे व कुर्सियों पर कुशन डाल दें। मिरर, बीड्स या एम्ब्रायड्री किए हुए कुशंस आप बेड पर भी डाल सकती है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:10 का दम हैप्पी दीवाली