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प्राथमिक शिक्षा में इस साल बिहार ने मारी बाजी

बिहार में प्राथमिक शिक्षा की तस्वीर बदल रही है और वर्ष 2007-08 के दौरान देश भर के किसी भी राय की तुलना में बिहार में छह से चौदह वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के नामांकन दर में सर्वाधिक वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासनिक विश्वविद्यालय (न्यूपा) नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2007-08 के लिए प्रकाशित किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में बिहार मंे 614 आयुवर्ग के बच्चों के नामांकन दर में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2007-08 में पिछले वर्ष की तुलना में प्राथमिक कक्षा एक से पांच और उच्च प्राथमिक कक्षा छह से आठ स्तर पर नामांकित बच्चों की संख्या में क्रमश: 16.55 एवं 18.0प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान कक्षा एक से पांच तक में नामांकन लेने वाले बच्चों की संख्या जहां 1.25 करोड़ से बढ़कर 1.46 करोड़ हो गई वहीं कक्षा पांच से आठ तक में नामांकन लेने वाले बच्चों की संख्या 25.6लाख से बढ़कर 30.34 लाख हो गई। इस दौरान मुस्लिम बालिकाआें के नामांकन में भी अपेक्षित वृद्धि दर्ज हुई है। छह से 14 वर्ष के आयुवर्ग के कुल नामांकित मुस्लिम बच्चों में बालिकाआें के नामांकन का प्रतिशत प्राथमिक एवं उच्च स्तर पर क्रमश: 46.8 और 44.76 प्रतिशत दर्ज किया गया है। गौरलतब है कि बिहार सरकार ने पिछले दो वर्षों के दौरान राय में करीब 17 हजार नए प्राथमिक एवं 11 हजार नए मध्य विद्यालयों की स्थापना की है। इसके अलावा विद्यालय से बाहर के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कई वैकल्पिक एवं नावाचारी हस्तक्षेप शुरू किए गए हैं। सरकार के प्रयासों के कारण ही प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर बच्चों की पहुंच सुनिश्चित हो पाई है।

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