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भागलपुर में राजग-राजद गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला

बिहार विधानसभा चुनाव में भागलपुर जिले की सभी 07 सीटों पर सीधा मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) एवं लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) गठबंधन के बीच है। कांग्रेस इस मुकाबले को तिकोना बनाने में लगी हुई है।

जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में भागलपुर, सुल्तानगंज, नाथनगर, कहलगांव, बिहपुर, गोपालपुर और पीरपैंती (सुरक्षित) है। इनमें कहलगांव क्षेत्र से प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं पूर्व विधानसभाध्यक्ष सदानंद सिंह और भागलपुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक और राज्य के लोक अभियांत्रिक मंत्री अश्विनी कुमार चौबे चुनाव मैदान में है जहां दोनों नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।

इन सातों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 107 प्रत्याशी चुनावी दंगल में अपना भाग्य आजमा रहे है। जिले के कुल 17 लाख 6 हजार 227 मतदाता 107 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला आगामी एक नवम्बर को करेंगे। सर्वाधिक प्रतिष्ठित कहलगांव सीट से कांग्रेस के सदानंद सिंह, राजग के कहकशा परवीन और राजद-लोजपा गठबंधन के शोभाकांत मंडल सहित कुल ग्यारह प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं।

वर्ष 2005 के अक्टूबर माह में हुए विधानसभा चुनाव में कहलगांव विधानसभा से कांग्रेस के दिग्गज नेता सदानंद सिंह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजग के अजय मंडल से लगभग 25 हजार मतों से हार गए थे। सिंह 1969 से 1985 और 2000 से 2005 अक्टूबर तक लगातार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं।

इस चुनाव में कांग्रेस ने सिंह को फिर से टिकट दिया है जबकि राजग ने आशा के विपरीत मौजूदा विधायक अजय मंडल के स्थान पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कहकंशा परवीन को मैदान में उतारा है। दोनों प्रत्याशियों को कड़ी टक्कर देने के लिए राजद और माकपा ने भी अपना-अपना प्रत्याशी खड़ा किया है। इस विधानसभा क्षेत्र में कुल दो लाख 58 हजार 61 मतदाता है।

इस क्षेत्र के जातीय समीकरण में कोयरी, कुर्मी मतदाता की संख्या करीब सवा लाख है। इसके अलावा मुस्लिम और दलित मतदाताओं की संख्या भी 75 हजार के लगभग है। इस क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी सिंह कुर्मी जाति के है और उन्हें अपने कुर्मी, कोयरी, लव-कुश, मतदाता के अलावा सवर्ण तथा दलित वर्ग का पूरा लाभ मिल रहा है।

दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी सिंह को कड़ी टक्कर देने के लिए जनता दल यू ने मौजूदा विधायक अजय मंडल के जगह राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कहकंशा परवीन को प्रत्याशी बनाया है। वे मुस्लिम वर्ग से आती है और उन्हें मुस्लिम वोट के अलावे भाजपा के परम्परागत वोटों पर ही निभर्र रहना पड़ सकता है। राजद-लोजपा के प्रत्याशी शोभाकांत मंडल को अपने मात्र समीकरण पर पूरा भरोसा है तो वहीं माकपा प्रत्याशी श्रीनिवास मंडल द्वारा अपने स्वजातीय और दलित मतदाताओं को रिझाने का काम किया जा रहा है।

राज्य के लोक अभियांत्रिकी मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्विनी कुमार चौबे 1995 से ही भागलपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे है पार्टी ने पुन: उन्हें यहां से अपना प्रत्याशी बनाया है। उनका मुकाबला कांग्रेस के अजित शर्मा से है जबकि राजद-लोजपा गठबंधन ने डा. एन के.यादव को मैदान में उतार कर संघर्ष को रोचक बना दिया है।

वर्ष 2005 के अक्टूबर में हुए चुनाव में चौबे ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी प्रवीण सिंह को लगभग 24 हजार मतों से पराजित किया था। इस चुनाव में कुल 15 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे है। इस क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या दो लाख 72 हजार 08 है।

यह क्षेत्र पूरी तरह से शहरी है और इसे लघु राजस्थान भी कहा जाता है क्योंकि यहां मारवाड़ी समाज के लोगों की अच्छी खासी संख्या है जो मुख्यत व्यवसाय से जुड़े है। यहां मारवाड़ी एवं वैश्य मतदाताओं की संख्या करीब एक लाख है और सवर्ण मतदाताओं की संख्या लगभग 70 हजार है। इसके अलावा मुस्लिम और दलित मतदाताओं की भी अच्छी खासी संख्या है।

इधर कांग्रेस ने चौबे को टक्कर देने के लिए हाल ही में बहुजन समाज पार्टी छोड़कर आए अजीत शर्मा को मैदान में उतारा है। शर्मा भूमिहार जाति से आते है और उन्हें सवर्ण वोट के साथ-साथ मुस्लिम तथा दलित मतदाताओं का सहयोग मिलना तय है।

इस क्षेत्र से राजद-लोजपा गठबंधन ने डा.एन के यादव को अपना प्रत्याशी बनाकर कांग्रेस प्रत्याशी के लिए थोड़ी मुश्किल पैदा कर दी है। भाजपा के चौबे को पार्टी के भीतरघातियों से खतरा है, बावजूद इसके राजग गठबंधन और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं के तूफानी दौरे से दोनों दलीय प्रत्याशियों की स्थिति बेहतर होती जा रही है।

जिले के नाथनगर विधानसभा क्षेत्र से जदयू विधायक एवं राज्य की काबिना मंत्री सुधा श्रीवास्तव के निधन के उपरांत जदयू ने कहलगांव के मौजूदा विधायक अजय मंडल को यहां से प्रत्याशी बनाया है। स्व. श्रीवास्तव 1995 से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते आ रही थीं। यहां से राजद ने अबू कैसर को उम्मीदवार बनाया है। इस बार तालमेल नहीं रहने पर कांग्रेस ने परवेज जमाल को मैदान में उतारा है। यहां कुल 15 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं।

इस क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या दो लाख 42 हजार 634 है। यहां मुस्लिम और अन्य पिछड़ी जातियों की संख्या ज्‍यादा है जिसका लाभ जदयू प्रत्याशी अजय मंडल को मिल सकता है। मंडल गंगोता जाति से आते है। उधर राजद प्रत्याशी को भी अपने समीकरण पर पूरा भरोसा है। दूसरी ओर कांग्रेस के परवेज जमाल, मुस्लिम और दलित मतदाताओं को रिझाने में लगे है।

नए परिसीमन के बाद सुरक्षित सीट से सामान्य बनी सुल्तानगंज विधानसभा क्षेत्र में राजद के रामावतार मंडल और जदयू के सुबोध राय के बीच मुख्य मुकाबला है। राय हाल ही में अपने पुराने पार्टी माकपा को छोड़कर जदयू में शामिल हुए है लेकिन कांग्रेस के सुरेश मोहन झा इस मुकाबला को त्रिकोणात्मक बनाने में लगे हुए है। वैसे यहां कुल 24 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे है। इस क्षेत्र के मतदाताओं की कुल संख्या दो लाख 63 हजार 73 है।

इधर सामान्य से सुरक्षित क्षेत्र घोषित पीरपैंती (सु) विधानसभा क्षेत्र में राजग गठबंधन ने अमन कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया है जबकि राजद ने रामविलास पासवान को मैदान में उतारा है। दोनों प्रत्याशियों को टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने दीपनारायण पासवान को खड़ा किया है। यहां कुल 16 प्रत्याशी है। इस क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या दो लाख 66 हजार 100 है। यहां कोयरीकुर्मी जाति के अलावा सवर्ण वर्ग के मतदाताओं की संख्या काफी है।

राजग प्रत्याशी कुमार दलित जाति से आते है और उन्हें दलित वोट के साथ.साथ सभी वर्ग के मतदाताओं का सहयोग मिल रहा है। इधर राजद प्रत्याशी पासवान को मुस्लिम-यादव (एम-वाई) समीकरण और दलित एवं पिछड़ी जाति के मतदाताओं पर पूरा भरोसा है लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में दीपनारायण पासवान के चुनाव लड़ने से राजद को परेशानी हो सकती है। ऐसे में यहां त्रिकोणात्मक मुकाबला बनता जा रहा है। जिले के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र में राजग गठबंधन के नरेन्द्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल, राजद के अमित राणा और कांग्रेस के शीतल प्रसाद सिंह सहित कुल 14 प्रत्याशी मैदान में है। राजद प्रत्याशी राणा राज्य के बहुचर्चित चारा घोटाला कांड के अभियुक्त बनाए गए राजद के पूर्व सांसद डा. आर के राणा के पुत्र है और ये तीसरी बार विधानसभा पहुंचने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

इस क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या दो लाख तीन हजार 649 है। यहां मुख्य मुकाबला राजग और राजद प्रत्याशियों के बीच है किन्तु कांग्रेस के शीतल प्रसाद सिंह भी चुनाव को त्रिकोणात्मक बनाने का प्रयास कर रहे है। जिले के बिहपुर विधानसभा क्षेत्र में भी निवर्तमान विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल राजद प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में है जबकि भाजपा ने कुमार शैलेन्द्र और कांग्रेस ने अशोक कुमार यादव को इस क्षेत्र से मैदान में उतारा है। यहां मुख्य मुकाबला राजद और भाजपा के बीच होना तय है लेकिन कांग्रेस के अशोक कुमार यादव इस मुकाबले को तिकोना बनाने में लगे हुए हैं। वैसे यहां से कुल बारह प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे है। इस क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या दो लाख सात हजार 632 है।

बहरहाल जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी अंतिम चरण में है। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेताओं के दौरे हो चुके है। हालांकि मतदाता की चुप्पी प्रत्याशियों के परेशानी का सबब बनी हुई है। खासकर दलीय प्रत्याशियों में सदानंद सिंह (कांग्रेस), अश्विनी चौबे (भाजपा), शोभाकांत मंडल (राजद) और कहकंशा परवीन (जदयू) की प्रतिष्ठा दाव पर लगी है। जिले में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए जिला प्रशासन और चुनाव आयोग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है।

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  • Web Title:भागलपुर में राजग-राजद गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला