अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

‘निर्यात के लिए नये मार्केट की तलाश’


केन्द्रीय कपड़ा राज्य मंत्री पी. लक्ष्मी ने कहा कि भारतीय कालीन को बढ़ावा देने के लिए सरकार कटिबद्ध है। निर्यात को और बढ़ावा देने के लिए नये मार्केट की तलाश जारी है। जापान, आस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, दक्षिण अमेरिका आदि देशों में निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। इन देशों पर सरकार की नजर है। भारत सरकार के सहयोग से कालीन निर्यात संवर्धन परिषद की तरफ से सम्पूर्णानंद संस्कृत विवि के मैदान में बनाये गये वातानुकूलित पंडाल में शुक्रवार से शुरू हुए चार दिनी इंडिया कार्पेट एक्स्पो का दीप जलाकर उद्घाटन करने के पश्चात वह पत्रकारों से मुखातिब थीं।
उन्होंने कहा कि भारतीय कालीन हर साल 24-30 प्रतिशत की दर से ग्रोथ कर रही है। टर्की व जापान में हस्तनिर्मित कालीन का निर्माण बंद होने तथा आकर्षक डिजाइन व उच्च गुणवत्ता की बदौलत ही हम दुनिया में नंबर वन हैं। भारत एकमात्र देश है, जहां हस्तनिर्मित कालीन तैयार होता है। यह सच है कि देशी-विदेशी ग्राहकों का रुझान भारतीय कालीन के प्रति तेजी से बढ़ा है। फिर भी डिजाइनों को और विकसित करने की जरूरत है। ‘जीआई’ प्रमाण-पत्र मिलना कालीन उद्योग के लिए बड़ी बात है। इससे चुनिंदा कार्पेट शहरों को बढ़ावा मिलेगा। मेगा कलस्टर योजना में चयनित भदोही एवं श्रीनगर के बुनकरों को और हुनरमंद बनाने के लिए पिछले बजट में ही 229 करोड़ रुपये सेक्शन किये गये हैं। इसके लिए जगह-जगह ट्रेनिंग सेंटर खोलकर 2015 तक लाखों बुनकरों की कार्यशैली को और बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। नये लोगों को भी बिनकारी सिखाया जाएगा। ट्रेड प्रमोशन के सवाल पर उन्होंने बड़ा स्थायी ट्रेड सेंटर बनाने की बात स्वीकारी। कहा कि कालीन उद्योग को बढ़ाने के लिए यह योजना कारगर होगी। इसके लिए उन्होंने विकास आयुक्त (हैंडीक्राफ्ट) एसएस गुप्ता को कालीन निर्माताओं से मिलकर इस परियोजना की संभावना तलाशने को कहा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हम ऐसा ही सेंटर बना रहे हैं। वैसे इस अस्थायी ट्रेड सेंटर में भी काफी सुविधाएं दी गयी है। चाइल्ड लेबर की समस्या से भी इस ट्रेड को निजात मिल चुका है। स्थानीय सांस्कृतिक संकुल में बनाये गये अर्बन हाट में बुनियादी सुविधाओं की तरफ ध्यान दिलाने पर उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। इस दौरान उन्होंने ‘जीआई टैग’ का लोकार्पण भी किया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:निर्यात के लिए नये मार्केट की तलाश