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एशियाई खेलों में भाग्य के साथ देने की उम्मीद : दिनेश

एशियाई खेलों में भाग्य के साथ देने की उम्मीद : दिनेश

भारतीय मुक्केबाज दिनेश कुमार (81 किग्रा) मानते हैं कि दिल्ली 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में उनका भाग्य ने साथ नहीं दिया था, लेकिन अब वह अगले महीने चीन के ग्वांग्झू में होने वाले एशियाई खेलों में यहां पदक नहीं हासिल करने की भरपाई करना चाहते हैं।
    
दिनेश पूरी टीम के साथ पटियाला में लगे शिविर में अभ्यास में जुटे हैं। उनका ध्यान सिर्फ एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर लगा है, जिसके लिए वह कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में भाग्य ने मेरा साथ नहीं दिया, लेकिन मैं एशियाई खेलों में इस पदक की भरपाई करना चाहता हूं।
    
दिनेश को राष्ट्रमंडल खेलों में 81 किग्रा के करीबी मुकाबले में इंग्लैंड के ओबेड मबावाकोंगो से 8-9 से हार का मुंह देखना पड़ा था जबकि पहले राउंड में वह 5-3 से बढ़त बनाए थे लेकिन वह इस लय को जारी नहीं रख पाए जबकि ओबेड ने अंतिम राउंड के अंतिम क्षण में विजयी अंक हासिल किया। यह पूछने पर कि उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में बाउट के दौरान हुई चूक से क्या सीख ली तो इस 22 वर्षीय ओलंपियन ने कहा कि सच कहूं तो भाग्य ने मेरा साथ नहीं दिया। मैं पहले राउंड में दो अंक से आगे था, लेकिन आखिर में वह अंतिम सेकेंड में विजयी अंक ले गया।

दिनेश से जब पूछा गया कि क्या रैफरियों का फैसला सही नहीं था तो उन्होंने कहा कि मैं रैफरियों के बारे में कुछ नहीं कह सकता और न ही बता सकता हूं कि अंत में बाउट में क्या हुआ। लेकिन मुझे लगता है कि भाग्य मेरे साथ नहीं था। एशियाई खेलों की तैयारियों के बारे में उन्होंने कहा कि हम राष्ट्रमंडल खेलों के साथ एशियाड की तैयारियों में भी जुटे थे और अब सारे मुक्केबाज इनमें शानदार प्रदर्शन करने को तैयार हैं क्योंकि इसकी चुनौती राष्ट्रमंडल खेलों से कहीं ज्यादा कठिन होगी।
  
हरियाणा के इस मुक्केबाज ने हालांकि कहा कि इस बार भारतीय दल पिछले से बेहतर प्रदर्शन करेगा क्योंकि इस बार काफी मुक्केबाजों से स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि तैयारियों को देखते हुए लगता है कि इस बार हमारा प्रदर्शन पिछले एशियाई खेलों से बेहतर होगा। दिनेश ने कहा कि पिछले एशियाड में हमारे नाम केवल दो कांस्य पदक थे लेकिन अब हमें पूरी उम्मीद है कि हम उस रिकॉर्ड को सुधार देंगे। दोहा एशियाई खेलों में बीजिंग ओलंपिक कांस्य पदकधारी विजेंदर सिंह और वर्गीज जॉनसन ने कांस्य पदक हासिल किया था।

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