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ठेका मजदूरों के लिए सरकार चिंतित: श्रम सचिव

खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) के दौरे पर आए केंद्रीय श्रम सचिव पीसी चतुर्वेदी ने कहा कि ठेका मजदूरों को लेकर सरकार चिंतित है। कांट्रेक्ट मजदूरों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। शोषण की बढ़ती प्रवृत्ति पर लगाम के लिए केंद्र सरकार संबंधित अधिनियम में संशोधन पर विचार कर रही है।

प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुनाफे वाली कंपनियों के ठेका मजदूरों को रेगुलर वर्कर्स की तरह वेतन एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात है। साथ ही सामाजिक सुरक्षा के प्रावधानों मसलन पीएफ, ईएसआई आदि भी इसमें शामिल किए जा सकते हैं। बदलाव का दौर चल रहा है, इसलिए बदलाव केअनुरूप सरकारी नीति में भी परिवर्तन कर श्रमिक हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रयासरत है।

सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता
श्री चुतर्वेदी ने कहा कि कोयला खदानों सहित अन्य खानों, फैक्ट्रियों आदि में काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को लेकर भी श्रम मंत्रलय गंभीर है। कोल इंडिया की कुछ भूमिगत एवं ओपनकास्ट माइंस भी देखी। स्थिति अच्छी है। वैसे कोयला उत्पादन बढ़ाने का दबाव कोल कंपनियों पर है। इसके लिए नई-नई तकनीक प्रयोग में ला रहे हैं।

तकनीक में बदलाव के अनुरूप सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के उपायों पर भी मंथन चल रहा है। 200 कोल ब्लॉक आवंटित हुए हैं। सरकारी एवं निजी क्षेत्र में भी खनन हो रहा है। आऊटसोर्सिग के तहत काम कर रहे मजदूरों की स्थिति पर मंत्रालय गंभीर है।

12वीं पंचवर्षीय योजना की भी तैयारी
श्रम सचिव ने बताया कि 12 वीं पंचवर्षीय योजना को लेकर भी तैयारी शुरू है। अब 11 वीं योजना अंतिम चरण में है। इसलिए 12वीं योजना में किन-किन चीजों को शामिल किया जाए, श्रमिक हितों से संबंधित क्या योजनाएं हो सकती हैं, इन सभी बिंदुओं पर विचार के लिए दौरा कर स्थिति की जानकारी ली जा रही है।

डीजीएमएस को 200 मैनपावर शीघ्र
डीजीएमएस में मानव संसाधन की कमी पर श्रम सचिव ने कहा कि 200 नियुक्तियां जल्दी होंगी। इसके लिए पब्लिक सर्विस कमीशन को वैकेंसी भेज दी गई है। विभिन्न ग्रेडों में नई नियुक्ति की दिशा में कार्रवाई शुरू हो गई है। अब बहाली की प्रक्रिया पूरी करने में जो वक्त लगे।

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