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गोलीबारी मामला: राणे के खिलाफ नोटिस जारी

बम्बई उच्च न्यायालय ने गैरसरकारी संगठन के एक कार्यकर्ता पर पिछले महीने हुई गोलीबारी के मामले में महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री नारायण राणे को नोटिस जारी करने के साथ ही इस मामले में उन्हें पक्ष नहीं बनाने के लिए पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा है।

शमीम उर्फ चिंटू शेख ने स्वाभिमान संगठन के प्रमुख नितेश राणे पर आरोप लगाया है कि उन्होंने गत 23 सितम्बर को अपने ऊपर गोलीबारी करने का आरोप लगाते हुए इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।

शेख ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि स्थानीय खार पुलिस की जांच राणे के राजनीतिक पहुंच के कारण आगे नहीं बढ़ रही है। याचिका में शेख ने यह भी आरोप लगाय है कि गोलीबारी के बाद वह हिरानंदनी अस्पताल में भर्ती हुआ था लेकिन उसे चिकित्सकीय रिपोर्ट नहीं दी गई लेकिन नारायण राणे ने उसे प्राप्त कर लिया।

राणे ने इस रिपोर्ट को एक संवाददाता सम्मेलन में पेश किया गया जिसमें कहा गया था कि शेख को कोई गोली नहीं लगी थी। मंत्री ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के खिलाफ यह साजिश उनकी पूर्व पार्टी शिवसेना ने रची है। कथित रूप से यह गोलीबारी स्वाभिमान संगठन के कार्यालय के बाहर हुई लेकिन नितेश ने इस बात से इनकार किया कि कोई गोलीबारी हुई थी।

सरकारी महाधिवक्ता रवि कदम सरकार की ओर से पेश हुए लेकिन उन्होंने कहा कि चूंकि नारायण राणे के खिलाफ व्यक्तिगत आरोप हैं इसलिए याचिकाकर्ता को मंत्री को एक पक्ष बनाना चाहिए। न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति पीडी कोड़े की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई चार सप्ताह टालने के साथ ही राणे को पक्ष बनाने की इजाजत दे दी।

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