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रोचागार सेवकों की हड़ताल से विभाग टेंशन में

नरगा के कार्यान्वयन के लिए अनुबंध पर बहाल पंचायत रोजगार सेवकों के हड़ताल पर जाने से ग्रामीण विकास विभाग टेंशन में है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा इस बात से हैरान हैं कि आखिर अनुबंध पर बहाल इन कर्मियों के हड़ताल में शामिल होने का क्या मतलब है। मंत्री ने कहा कि पंचायत रोजगार सेवकों का वेतन नरगा के तहत किए जाने वाले व्यय में ही शामिल है। अगर योजना ठप होगी और राशि खर्च नहीं होगी तो उन्हें वेतन भी नहीं मिलेगा।ड्ढr ड्ढr मंगलवार को डीडीसी के साथ योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने नरगा के लिए नियुक्त कार्यक्रम पदाधिकारियों से विस्तृत ब्योरा लेकर हड़ताल पर गए पंचायत रोजगार सेवकों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि रोजगार सेवकों को नोटिस देकर 15 दिनों के भीतर काम पर लौटने का अल्टीमेटम भी दें। इसके बावजूद अगर वे काम पर नहीं लौटते तो उनकी बर्खास्तगी के लिए मुख्यालय को अनुशंसा भेजें।ड्ढr ड्ढr इसके पहले कई जिलों के डीडीसी ने मंत्री को बताया कि पंचायत रोजगार सेवक भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। उनकी मांग है कि अन्य सरकारी सेवकों की तरह उनका भी वेतन बढ़ाया जाए।

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