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साफ घर स्वस्थ घर

घर की उचित साफ-सफाई न होना भी तनाव का कारण बन सकता है। यह जानकर शायद आपको हैरत होगी कि कुछ लोगों में खासतौर पर महिलाओं में अपने घर और परिवार के सदस्यों द्वारा साफ-सफाई के संबंध में की जाने वाली लापरवाही तनाव और उच्चरक्तचाप का कारण भी बन जाती है। 

हालांकि यह बात स्वभावगत है पर स्वास्थ्य की दृष्टि से भी देखें तो पर्सनल हाइजिन के साथ-साथ घर और अपने आस-पास की सफाई बेहद जरूरी है। यह न सिर्फ स्वास्थ्यवर्धक है, बल्कि अच्छा रहन-सहन बनाए रखने के लिए भी जरूरी है।

घर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप यह जानें कि आपके घर में कौन-कौन सी ऐसी जगह हैं, जिनका कीटाणुओं और छोटे-छोटे जीवों को निमंत्रण करने में प्रमुख योगदान है। किचन में बनी नाली और वॉशबेसिन के आसपास पानी एकत्रित होना और सफाई न रहना, कुकिंग गैस, सिंक, रसोई में साफ-सफाई के लिए इस्तेमाल में आने वाले कपड़ों को नियमित साफ नहीं करना कीटाणुओं को बुलावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

साथ ही फर्श के अलावा घर का फर्नीचर, कारपेट, फूलदान, पंखे, ट्यूबलाइट आदि चीजों की नियमित साफ-सफाई बेहद जरूरी है। ध्यान रखें कि यहां पानी एकत्रित न हो साथ ही गंदगी न फैले। इसके उचित उपायों को अपनाते हुए घर को स्वच्छ और कीट, मच्छर से रहित रखने का प्रयास करें। यदि समय और ऊर्जा की बचत करना चाहते हैं तो एक अच्छे क्लीनर की मदद लें।

यदि आपके नियमित इस्तेमाल की वस्तुएं धूल और मिट्टी से मुक्त हैं तो आपका घर कीट और गंदगी में पनपने वाले जीवों से भी मुक्त होगा। जाहिर है कि आप इसके साथ आने वाली कई बीमारियों को अपने घर में प्रवेश करने से रोक पाएंगे। साफ-सुथरी जगह मानसिक शांति देती है और अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करते हैं।

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