अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सरकार ने तय किए शुंगलू समिति के जांच मुद्दे

सरकार ने तय किए शुंगलू समिति के जांच मुद्दे

सरकार ने वीके शुंगलू समिति द्वारा की जाने वाली जांच के मुद्दों को सोमवार को अंतिम रूप दे दिया। उसे राष्ट्रमंडल खेले के आयोजन में हुई कथित वित्तीय अनियमितता की जांच के लिए व्यापक अधिकार प्रदान किए गए हैं।

उच्चाधिकार जांच समिति में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव शांतनु कोनसुल को सदस्य नियुक्त किया गया है। समिति प्रबंधन की कमजोरियों, धन का कथित दुरूपयोग, अनियमितता, अपव्यय तथा खेलों के आयोजन में गलत कामों का पता लगाएगी तथा उपयुक्त कदमों के बारे में सिफारिश करेगी।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने समिति की जांच के लिए 10 मुद्दों को मंजूरी प्रदान की है। समिति का गठन 15 अक्टूबर को किया गया था जो तीन से 14 अक्टूबर तक चले राष्ट्रमंडल खेलों में कथित भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करेगी।

समिति मेजबान शहर करार पर हस्ताक्षर करने वालों की भूमिका और जिम्मेदारी की जांच करेगी। समिति इस करार के कारण होने वाले समग्र प्रभावों, खेल से जुड़ी विकास परियोजना के नियोजन और क्रियान्वयन तथा समय, लागत एवं गुणवत्ता के आधार पर सेवा आपूर्ति के लिए किए गए करारों की जांच भी करेगी।

समिति संगठनात्मक ढांचे, संगठन के संचालन, सभी स्तरों पर खेल की तैयारियों और आयोजन पहलुओं की भी जांच करेगी। इनमें आयोजन समिति और इसके कामकाज के प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे।

समिति की जांच के विषयों में खेलों के आयोजन में आयोजन समिति के अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय सलाहकार एवं अधिकारियों की भूमिका शामिल होगी।
 शुंगलू समिति खेलों के कारण शहर के आधारभूत ढांचे, खेल सुविधाओं पर पड़े प्रभावों तथा भविष्य में खेल विकास के लिए सीखे जाने वाले सबक का भी जायजा लेगी। साथ ही यह समयबद्ध तरीके से और प्रभावी निगरानी के लिए एक प्रणाली कायम करने, इसी प्रकार के अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए कानूनी रूप से मान्य ढांचा तैयार करने, उपयुक्त वित्तीय प्रबंधन और आतंरिक अंकेक्षण, मीडिया परिसंवाद और संचार के बारे में भी अपने सुझाव देगी।

जांच के मुद्दों में कहा गया है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग), केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) और अन्य एजेंसियां अपने अधिकार क्षेत्र के अनुसार अपनी स्वतंत्र जांच और अंकेक्षण करते रहेंगी। पीएमओ के बयान के अनुसार विभिन्न एजेंसियों के पास की गई शिकायतों पर गौर किया जाएगा और संबद्ध एजेंसियां उन पर तुरंत कार्रवाई करेंगी।

यह समिति तीन माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। समिति को विज्ञान भवन में काम करने की अनुमति दी गई है और खेल मंत्रालय उसे प्रशासनिक एवं अन्य जरूरी सहयोग मुहैया कराएगा। गौरतलब है कि पूर्व कैग शुंगलू ने समिति के जांच मुद्दों को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की थी।

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सरकार ने तय किए शुंगलू समिति के जांच मुद्दे