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परफॉर्मेस प्लानिंग

अपने काम के गहन विश्लेषण के ज़रिए तनाव को अवश्य दूर रखा जा सकता है। आज हम तनाव से मुक्ति की एक खास तकनीक बताने जा रहे हैं। इसका नाम है परफॉर्मेस-प्लानिंग। आपको जो काम दिया गया है, उसे आप ठीक से अंजाम दे पाएंगे या नहीं, इसे लेकर भी आप अक्सर तनाव महसूस करते हैं। परफॉर्मेंस स्ट्रैस को मैनेज करने की तकनीक ही परफॉर्मेस-प्लानिंग कहलाती है।
जब दिल में धुकुड़-धुकुड़.: किसी अहम प्रजेंटेशन या परफॉर्मेस से ठीक पहले आपने पेट में अजीब सा अनुभव ज़रूर किया होगा या हो सकता है कि इस मौके पर आपकी हथेलियां पसीने में तर हो गई हों, आपके दिल की धड़कन बढ़ गई हो, या कंपकंपी छूट गई हो। ये सभी लक्षण इंगित करते हैं, कि जाने मैं कैसा परफॉर्म कर पाऊंगा। यही परफॉर्मेंस स्ट्रैस है और ऐसे तनाव को दूर करने का आसान तरीका है परफॉर्मेस-प्लानिंग।
परफॉर्मेस-प्लान बनाएं: परफॉर्मेस-प्लान तैयार करने के लिए सबसे पहले उन अहम कदमों की लिस्ट बनाइए, जो आपको शुरू से आखिर तक उठाने हैं। इसमें शारीरिक, मानसिक और इक्विपमेंट संबंधी सभी कदमों का जिक्र होना चाहिए। इस कार्य को अंजाम देने के लिए जो इक्विपमेंट चाहिए, उसकी ठीक से जांच करें। फिर यात्रा संबंधी इंतजाम करके इक्विपमेंट के साथ परफॉर्मेंस के स्थान पर रवाना हो जाइए।
तनाव से भी मिलेगी मुक्ति: परफॉर्मेंस के दौरान सतर्कता से नोट कीजिए कि आपने क्या दिक्कत महसूस की। ये भी कि प्लान में दर्ज किस-किस कदम की आपको आवश्यकता ही नहीं पड़ी। ऐसे कदमों को भावी परफॉर्मेस-प्लान में शामिल करने की कोई जरूरत नहीं है। कुल मिलाकर परफॉर्मेस-प्लान आपको ऐन वक्त पर आ सकने वाली विपदाओं से बचाता है, जो अक्सर तनाव की सबसे बड़ी वजह होती हैं। ज़ाहिर है इससे आपकी मानसिक तैयारी भी इतनी मुकम्मल हो जाएगी कि किसी भी इमरजेंसी में आपके हाथ-पांव फूलने की नौबत नहीं आएगी। मतलब ये कि जब तनाव की वजह ही नहीं बचेगी, तो तनाव होगा
ही क्यों?

तैयारी डेस्क

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  • Web Title:परफॉर्मेस प्लानिंग