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पाकिस्तानी क्रिकेटरों पर पहले भी था फिंक्सिंग का संदेह : ज़िया

पाकिस्तानी क्रिकेटरों पर पहले भी था फिंक्सिंग का संदेह : ज़िया

इंग्लैंड दौरे में मैच फिक्सिंग के आरोपों के बाद पाकिस्तानी क्रिकेट टीम एक और मैच फिक्सिंग विवाद में फंस गई है। पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के पूर्व अध्यक्ष तौकिर ज़िया ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रि केट परिषद (आईसीसी) ने ऑस्ट्रेलिया में सिडनी टेस्ट दौरान भी पाकिस्तानी टीम के छह खिलाडियों पर मैच फिक्सिंग में संलिप्त होने की आशंका जताई थी।
 
ज़िया ने रविवार रात को एक टीवी चैनल को बताया कि आईसीसी ने ऑस्ट्रेलिया के दौरे के बाद पीसीबी को लिखित जानकारी दी थी कि उसे छह पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर सिडनी टेस्ट के दौरान फिक्सिंग करने का संदेह है और उन खिलाड़ियों पर नज़दीक से नज़र रखने की ज़रूरत है।
 
ज़िया ने कहा कि मुझे पता है कि आईसीसी ने इस वर्ष पीसीबी से इन खिलाड़ियों पर नज़र रखने को कहा था। आईसीसी को इन खिलाड़ियों और सट्टेबाजों के बीच आपस में किए गए कुछ एसएमएस के बारे में पता चला था। उन्होंने कहा कि आईसीसी ने ऑस्ट्रेलिया के दौरे के बाद पीसीबी से संपर्क किया था और उन्हें इन खिलाड़ियों पर नज़र रखने को कहा था जो टी20 विश्वकप और एशिया कप में भाग लेने गए हुए थे।
 
ज़िया ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि पीसीबी ने आईसीसी के संदेश के बाद क्या कदम उठाया लेकिन उन्होंने कहा कि यदि आईसीसी या पीसीबी उनसे संपर्क करता है तो वह इस मामले पर चर्चा करने को तैयार हैं।
 
ज़िया ने एक और खुलासा किया कि वर्ष 2002 में सट्टेबाजों ने राष्ट्रीय टीम में एक दागी खिलाड़ी को शामिल करने के लिए उनसे संपर्क किया था। ज़िया ने कहा कि कुछ लोगों ने मुझसे संपर्क किया और मुझ पर टीम में एक खिलाड़ी को शामिल करने का दबाव डाला जो दागी थी। मुझे शक है कि मुझसे संपर्क करने वाले सट्टेबाज़ थे। लेकिन मैंने ऐसा करने से मना कर दिया।
 
ज़िया ने खिलाड़ी का नाम बताने से इनकार कर दिया लेकिन अन्य सूत्र इशारा करते हैं कि वह खिलाड़ी पूर्व पाकिस्तानी कप्तान सलीम मलिक हो सकता है जिनके खेलने पर वर्ष 2000 में मैच फिक्सिंग के आरोप के कारण रोक लगा दी गई थी। हालांकि वर्ष 2008 में अदालत ने मलिक पर लगी रोक को हटा दिया था।
 
यह पूछे जाने पर कि जब उनसे सट्टेबाजों से संपर्क किया तो उन्होंने उसके बाद क्या किया। जिया ने कहा कि उन्होंने इस बारे में टीम प्रबंधन और सरकार को सूचित किया था। लेकिन उस खिलाड़ी पर पहले ही रोक लगी हुई थी इसलिए इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ा।
 
उल्लेखनीय है कि अगस्त में भी लॉर्डस में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच हुए चौथे और अंतिम टेस्ट में जानबूझ कर नो बाल कराने के आरोप में तीन पाकिस्तानी खिलाड़ियों सलमान बट्ट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर को भी स्पॉट फिक्सिंग के कारण आईसीसी ने निलंबित कर दिया है।

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