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जापानी कंपनियों को ढांचागत क्षेत्र में निवेश का न्यौता

जापानी कंपनियों को ढांचागत क्षेत्र में निवेश का न्यौता

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जापानी कंपनियों को ढांचागत क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए सोमवार को कहा कि अगली पंचवर्षीय योजना के दौरान ढांचागत क्षेत्र में 1,000 अरब डॉलर निवेश की योजना है।

जापानी कंपनियों से इसमें बड़ी भूमिका निभाने का आह्वान किया। मनमोहन ने कहा कि उनकी सरकार अनुकूल निवेश वातावरण बनाने और देश में विदेशी पूंजी प्रवाह को प्रोत्साहन देने के लिए आर्थिक सुधारों को जारी रखने को प्रतिबद्ध है।

भारत और जापान के उद्योगपतियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक मंदी के चलते भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2008-09 में घटकर 6.5 प्रतिशत पर आ गई थी, लेकिन अब अर्थव्यवस्था पटरी पर है और चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले वित्त वर्ष में भारत नौ प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करेगा।

मनमोहन सिंह ने कहा कि मुझे भरोसा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हमे आगामी दशकों में दोहरे अंक की वृद्धि दर हासिल करने में सहायता करेगी। हालांकि उन्होंने इसके समक्ष कई तरह की चुनौतियों को भी स्वीकार किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें यह लक्ष्य हासिल करने के लिए ढांचागत क्षेत्र में खामियों को दूर करने की जरूरत है, विशेषकर बिजली, परिवहन और संचार के क्षेत्रों में।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमारे विकास में एक प्रमुख बाधा है और हम आगामी वर्षों में ढांचागत विकास को प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखेंगे। इस दौरान बैठक में भारत से मुकेश अंबानी, सुनील भारती मित्तल, मलविन्दर सिंह और दीपक पारेख सहित अनेक उद्योगपति मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्ष में भारत ने 100 अरब डॉलर से अधिक मूल्य का एफडीआई प्राप्त किया। हाल के महीनों में इसमें थोड़ी कमी का रुख बना है, लेकिन मैं इसे अस्थायी मानता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के निवेश का ज्यादातर हिस्सा घरेलू बचतों से पोषित किया जाता है जो बढ़कर जीडीपी का 35 प्रतिशत पहुंच चुका है। मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में यह बढ़कर जीडीपी का 40 प्रतिशत हो जाएगा।

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