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मैट्रो में आया रेट्रो लुक

मैट्रो में आया रेट्रो लुक

फैशन के गलियारों में इस बार सत्तर के दशक के रेट्रो लुक ने वापसी की है। वजह है फिल्म ‘एक्शन रीप्ले’ में अक्षय-ऐश का रेट्रो लुक, जिसकी वजह से पोल्का डॉट्स, चौड़ी मोरी की पैंट्स, बालों में चौड़ा रिबन, बड़े बक्कल वाली बेल्ट्स, शेड्स आदि चीजें चलन में देखी जा रही हैं। तो आइये जानें क्या है इस नए ट्रेंड की खासियत और इसे कैसे करें कैरी।

दो सप्ताह बाद रिलीज होने जा रही फिल्म ‘एक्शन रीप्ले’ में अभिनेता अक्षय कुमार और अभिनेत्री ऐश्वर्या राय रेट्रो लुक में दिखाई देंगे। वैसे पिछले काफी दिनों से इस फिल्म के प्रोमोज टीवी और थियेटर में दिखाए जा रहे हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि रेट्रो लुक आखिर होता कैसा है।

लंबी जुल्फें भारी कलम

रेट्रो लुक के बारे में अगर थोड़ा डिटेल में समझों तो इतना काफी है कि इसकी चौखट पर कदम पड़ते ही सबसे पहले आपका हेयर स्टाइल चेंज हो जाता है। महिलाओं की जुल्फें लंबी और घनी होने लगती हैं और पुरुषों की कलमें भारी। पुरुषों के बाल उनकी कनपटी से होते हुए कानों को काफी हद तक ढक लेते हैं। हाल-फिलहाल की बात करें तो फिल्म ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई’ में अजय देवगन और इमरान हाशमी का हेयर स्टाइल कुछ ऐसा ही था। ये फिल्म भी रेट्रो लुक से भरी पड़ी थी। इसके अलावा आप शाहरुख खान की फिल्म ‘ओम शांति ओम’ का उदाहरण ले सकते हैं। वैसे फिल्म ‘एक्शन रीप्ले’ के लिए अक्षय ने अपने हेयर स्टाइल की प्रेरणा प्रसिद्ध अभिनेता स्व. सुनील दत्त से ली है, जिनका रेट्रो लुक सत्तर के दशक में काफी हिट माना जाता था। ठीक इसी तरह से ऐश ने जो हेयर स्टाइल कैरी किया है, उसे सत्तर के दशक में अभिनेत्री मुमताज, बबीता, तनूजा आदि एक्ट्रेस कैरी किया करती थीं। जी हां, लंबे और घने बालों पर चौड़े रंग-बिरंगे रिबन।

छोटे-बड़े पोल्का डॉट्स

रेट्रो लुक के तहत पोल्का डॉट्स एक ऐसा प्रिंट है, जिसे पुरुष और महिलाएं दोनों ही पहनते हैं। छोटे-बड़े पोल्का डॉट्स की शर्ट्स और टॉप्स सत्तर के दशक में काफी पॉपुलर हुए थे। आज भी कई फैशन डिजाइनर इसे अपने कलेक्शन में प्रमुखता से जगह देते हैं। फैशन डिजाइनर राहुल रेड्डी कहते हैं, ‘पोल्डा डॉट्स एक ऐसा प्रिंट है, जो शायद कभी आउट हुआ ही नहीं था। बेशक, इसे पसंद करने वालों की संख्या में उतार-चढ़ाव होता रहता है, लेकिन यह एक ऐसा प्रिंट है, जो सीधे तौर पर रेट्रो लुक को रिप्रेजेंट करता है और पसंद किया जाता है।’

स्टाइल और कट्स में ढीलापन

स्टाइल और कट्स के मामले में भी रेट्रो लुक का अपनी ही अंदाज है। रेट्रो लुक के तहत कपड़े पूरी तरह से फिटेड नहीं होते। जैसे कि पुरुषों की पैंट जांघों से फिटेड होती है, लेकिन मोरी की तरफ से चौड़ाई काफी अधिक होती है, जो सत्तर के दशक में  बैलबॉटम के नाम से प्रचलित थी। यही स्टाइल महिलाओं की पैन्ट्स में भी देखा जाता है। इस बारे में फैशन डिजाइनर समंत चौहान कहते हैं, ‘पैन्ट्स में दो से ज्यादा पॉकेट्स का चलन उस दौर में भी था। हालांकि पॉकेट वाला हिस्सा काफी टाइट हुआ करता था, लेकिन बहुतेरे लोग आगे और पीछे की पॉकेट्स को स्ट्रेट स्टाइल में कैरी किया करते थे। उस दौर की पैन्ट्स में एक खास बात ये भी हुआ करती थी कि वे घुटनों के बाद से खुलनी शुरू होती थीं, जिसकी वजह से एड़ी तक जाते-जाते वी-शेप का डिजाइन दोनों पैरों के बीच की तरफ क्रिएट होता था।’

बड़े बट्न्स और ब्रॉड कॉलर्स

रेट्रो लुक की लोकप्रियता का आलम ये था कि लोग इसमें तरह-तरह के प्रयोग करने से नहीं चूकते थे। फैशन डिजाइनर मानव गांगवानी कहते हैं, ‘वैल, मैं कहूंगा कि सत्तर के दशक के बाद भी रेट्रो लुक का दौर हर दशक में पसंद किया गया। उस समय भी लोग इसमें कई तरह के प्रयोग करते थे। जैसे कि शुरुआती दौर में इसमें कॉलर्स को लेकर कोई बदलाव नहीं देखा गया था, लेकिन धीरे-धीरे पुरुष एवं महिलाओं की शर्ट्स के कॉलर्स ब्रॉड होने लगे। जैकेट्स के कॉलर्स भी काफी ब्रॉड होते थे। इसी तरह से बटन्स भी काफी बड़े होते थे। आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन महिलाओं की शर्ट्स के बटन्स तो पुरुषों की बेल्ट के बक्कल जितने बड़े हुआ करते थे।’

बोल्ड प्रिंट्स और चटख रंग

पोल्का डॉट्स के अलावा रेट्रो लुक में, जितने भी प्रिंट्स इस्तेमाल किए जाते रहे, उनमें रंगों की विविधता के साथ-साथ बड़े टेक्सचर का इस्तेमाल प्रमुखता से देखा जाता था। सही ढंग से समझने के लिए आप आजकल बीच वियर में इस्तेमाल किए जाने वाले प्रिंट्स का उदाहरण ले सकते हैं, जिनके प्रिंट्स काफी बड़े और बोल्ड कलर्स वाले होते हैं। रेट्रो लुक में सॉफ्ट रंगों की कोई गुंजाइश नहीं होती।

सनग्लासेज बनाम शेड्स

आज जिसे देखो, वह सनग्लासेज की बजाए शेड्स को तरजीह देता है। जी हां, ये रेट्रो लुक का दौर जो है। सत्तर के दशक में आंखों पर शेड्स ही पहने जाते थे। इस बारे में एक्ट्रेस एवं वीजे सोफी चौधरी कहती हैं, ‘उस जमाने में शेड्स काफी इन थिंग माने जाते थे। महिलाओं के शेड्स इतने बड़े होते थे कि उनकी आईब्रोज तक ढक जाती थीं और पुरुषों के शेड्स थोड़े ट्रांसपेरेंट होते थे। आप फिल्म ‘बॉबी’ में डिंपल और ऋषि कपूर के शेड्स पर गौर कीजिए और आजकल के किसी युवा को देखिए। आपको रेट्रो लुक के प्रभाव का पता चल जाएगा।’

रेट्रो टिप्स

रेट्रो लुक को आंखें मूंद कर फॉलो न करें। इसके लिए जरूरी है कि पहले इसे जानें।
बड़े बक्कल की बेल्ट खरीदते समय ध्यान रखें कि उसका आधार पैंट या जींस की लुप्पी से छोटा न हो। वह कमर से कसा होना चाहिए।
शोख और चटख रंग रेट्रो लुक की जान हैं।
बड़े प्रिंट्स की कमीज सिलवाते समय उसके डिजाइन्स को पॉकेट्स पर ध्यान से लगवाएं। एक्सपेरिमेंट के रूप में रिवर्स प्रिंट्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
शेड्स के संबंध में ध्यान रखें कि वे ट्रांसपेरेंट प्रभाव के न हों। अब ये आउट ऑफ फैशन हैं। 
रेट्रो लुक में जींस नहीं आती, इसलिए केवल डेनिम की जैकेट्स ही कैरी करें।
स्टाइलिंग के लिहाज से रेट्रो लुक में शर्ट्स के कफ्स अमूमन खुले रहते हैं। इन्हें फोल्ड करने से परहेज करें।
शिमर का इस्तेमाल कम करें।

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