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मैग्नेटिक फील्ड

मैग्नेटिक फील्ड एक अदृश्य शक्ति होती है जो मैग्नेटिज्म के असर में आने वाली वस्तुओं पर असर डालती है। इसका एक जाना-माना उदाहरण है चुंबक की तरंगें जो लोहे की छोटी-बड़ी चीजों के प्रति आकर्षित होती है। इसका बड़ी उदाहरण पृथ्वी की मैग्नेटिक फील्ड है जो अन्य ग्रहों और सितारों की मदद से अस्तित्व में आती है।

कई लोग मैग्नेटिज्म को एक वस्तु के तौर पर समझते हैं, जो विशेषकर लोहे से निर्मित होती है। दरअसल, मैग्नेटिक फील्ड के पीछे एक इलेक्ट्रिकल करंट होता है जो इलेक्ट्रिकल चार्ज के हिलने-डुलने से अस्तित्व में आता है। इलेक्ट्रोमैग्नेट के बड़े स्तर पर मैग्नेटिक फील्ड तारों में करंट प्रवाहित करके बनता है। चुंबक में यह फील्ड उसके इलेक्ट्रॉनों की गतिविधि से बनती है। मैग्नेटिक फील्ड वस्तु और वातावरण के अनुसार बनती है।

गत कई सदियों से वैज्ञानिकों ने मैग्नेटिक फील्ड के अनेक पहलुओं पर शोध किया है। समुद्र में जहाज भी पृथ्वी की मैग्नेटिक फील्ड की मदद से अपना मार्ग तलाशते हैं। वैज्ञानिक शोध में मैग्नेटिक फील्ड की मदद से किसी वस्तु, स्थान को तलाशा जाता है। जैसे भूवेत्ता मैग्नेटोमीटर्स की मदद से मैग्नेटिक फील्ड को मापते हैं, जिससे नीचे दबे किसी पठार या खनिज का पता चलता है।

चिकित्सा के क्षेत्र में भी मैग्नेटिक फील्ड का इस्तेमाल मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) मशीन के रूप में होता है। इसमें मानव शरीर में किसी दोष का पता लगाने का काम होता है और इसे एक ऑपरेटर चलाता है। वैकल्पिक चिकित्सा में भी कुछ चिकित्सक ऐसी फील्ड का इस्तेमाल करते हैं।

मैग्नेटिक फील्ड्स की क्षमता भी अलग-अलग होती है। एक एमआरआई मशीन किसी की जेब में रखी चाबी को खींच सकती है, जबकि घरेलु चुंबक को फ्रिज के दरवाजे के साथ चिपकाने के लिए कुछ अतिरिक्त प्रयास करना पड़ता है। कई अन्य तरह की फील्ड्स भी होती हैं जैसे आयरन मैग्नेट में फैरोमैग्नेटिज्म कार्य करता है, जबकि बाहरी करंट के साथ बनाई गई मैग्नेटिक फील्ड को इलैक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड कहते हैं।

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  • Web Title:मैग्नेटिक फील्ड