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फर्जी डिग्रीधारी डॉक्टरों का जल्द होगा इलाज

उपभोक्ता मामलों की शीर्ष इकाई ने झूठी डिग्री के आधार पर चिकित्सा करने वाले डॉक्टरों के इस काम को अनुचित पेशा करार दिया है और वे सेवा में कमी के लिये उत्तरदायी हैं।

दूसरे शब्दों में एक डॉक्टर जो केवल एमबीबीएस की डिग्री रखता है और उसे विशेष योग्यता वाले इलाज जैसे सर्जरी करने पर उसके उपर सेवा में कमी का मुकदमा चलाया जा सकता है। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने शिकायतकर्ता सुरेंद्र कुमार त्यागी द्वारा डा़ एस के शर्मा के खिलाफ की गई शिकायत पर यह व्यवस्था दी। डा़ शर्मा ने मास्टर ऑफ सर्जरी होने का दावा किया था और त्यागी का आपरेशन किया।

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