अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

विदेशी निवेश को रोक रही है अमेरिका से बढ़ती नजदीकियां

विदेशी निवेश को रोक रही है अमेरिका से बढ़ती नजदीकियां

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने दावा किया है कि अमेरिका के साथ बढ़ती नजदीकियां भारत को स्वतंत्र विदेश नीति पर आगे नहीं बढ़ने दे रही हैं।

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में जाने-माने मार्क्‍सवादी इतिहासकार विक्टर कीरनैन की याद में शुक्रवार शाम एक सम्मेलन में करात ने कहा कि भारतीय वामपंथी उसी प्रकार की चुनौतियों से आज जूझ रहे हैं, जैसी 1940 के दशक में उनके समक्ष थीं।
   
माकपा नेता ने कहा कि आज भारत में वामपंथ के समक्ष तीन चुनौतियां हैं: नव उदार पूंजीवाद जो व्यापक पैमाने पर सामाजिक असमानता को बढ़ा रहा है, कृषि संबंधी बदलाव की लाने की सतत चुनौती , जाति जैसे दृढ़ दमनकारी संस्थाओं के खिलाफ संघर्ष।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बढ़ती नजदीकियां उसे (भारत को) अंतरराष्ट्रीय संबंधों में स्वतंत्र विदेश नीति पर बढ़ने नहीं दे रही हैं। यह कृषि समेत घरेलू नीतियों पर असर डाल रही है।

करात ने कहा कि नव उदार पूंजीवाद भारत में वाम शक्तियों के लिए बहुत बड़ी चुनौती है और वामपंथी ही एकमात्र ऐसी राजनीतिक ताकत हैं जिनके पास वैकल्पिक नीतियां हैं।
    
विश्वविद्यालय में छात्र जीवन में कीरनैन से पढ़ाई करने वाले माकपा महासचिव ने कहा कि कीरनैन भारत में सांप्रदायिक शक्तियों के उभरने और भारतीय राजनीति पर उसके गहरे प्रभाव से भी चिंतित थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:विदेशी निवेश को रोक रही है अमेरिका से बढ़ती नजदीकियां