अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अब भी वही आग ऋषि-नीतू

अब भी वही आग ऋषि-नीतू

रीयल लाइफ में नाना-नानी बन चुके ऋषि-नीतू का एक बार फिर से ‘दो दूनी चार’ में मुख्य भूमिका में जबरदस्त प्रदर्शन काबिले तारीफ है। आइए इस जोड़ी के दमदार प्रदर्शन का राज और आगे इनका भविष्य जानने के लिए इनके सितारों पर एक नजर डालते हैं

सत्तर के दशक में ऋषि कपूर तथा नीतू सिंह की जोड़ी ने रफूचक्कर, खेल-खेल में (1975), कभी-कभी, दूसरा आदमी, अमर अकबर एंथनी (1977) जैसी सुपरहिट फिल्में देकर बहुत नाम कमाया। दर्शकों को इनकी जोड़ी इतनी पसंद आयी कि वे भी एक-दूसरे को अटूट बंधन में बांधने की कामना करने लगे। ऋषि-नीतू ने 13 अप्रैल, 1979 को सगाई की और फिर 22 जनवरी, 1980 को विवाह के बंधन में बंध गये।

कपूर खानदान के चिराग व राज कपूर के द्वितीय पुत्र ऋषि कपूर ने फिल्मों में प्रवेश बतौर बाल कलाकार मेरा नाम जोकर (1970) से और मुख्य भूमिका में बॉबी (1973)  में उम्दा अदाकारी के लिए उन्हें सर्वश्रेण अभिनेता का फिल्म फेयर पुरस्कार मिला। इसके बाद ऋषि कपूर ने हिन्दी फिल्मों में एक अभिनेता के रूप लंबी पारी खेली। सन् 2000 तक मुख्य अभिनेता का किरदार निभाते रहे।

इस दौरान रफूचक्कर, खेल-खेल में (1975), लैला मजनूं, कभी-कभी (1976), हम किसी से कम नहीं, अमर अकबर एंथनी (1977), सरगम (1979), कर्ज (1980), नसीब (1981) प्रेम रोग (1982), तवायफ (1984), सागर (1985), नगीना (1986), चांदनी (1989), दीवाना (1992), जबरदस्त हिट फिल्में दर्शकों को दीं। तीन दशक के बाद चरित्र अभिनेता के रोल में भी फना (2006), नमस्ते लंदन (2007), लक बाई - चांस (2008), लव कल आज कल (2009), तथा अब दो दुनी चार (2010) में अपनी उम्दा अदाकारी का लोहा मनवा रहे हैं।

नीतू सिंह की बात करें तो बॉलीवुड में बतौर बाल कलाकार सूरज फिल्म (1966) में राजेन्द्र कुमार की बहन के किरदार से हुई। बतौर मुख्य अभिनेत्री रिक्शावाला (1972) पहली फिल्म रही जो फ्लॉप हुई। पहली बड़ी हिट फिल्म यादों की बारात (1973) रही। जब नीतू ऋषि कपूर की जोड़ी बनी तो बॉलीवुड में तहलका मच गया। खेल-खेल में (1975) से शुरू हुआ सिलसिला फिर ऋषि कपूर से विवाह (22 जनवरी, 1980) के बाद ही थमा।

इस दौरान नीतू ने रफूचक्कर, दीवार (1975), कभी-कभी (1976), अमर अकबर एंथनी, परवरिश, दूसरा आदमी, धर्मवीर, प्रियतमा (1977), याराना (1981) के रूप में हिट फिल्में दर्शकों को दीं और अपनी सदाबहार अदाकारी का लोहा मनवाया। लगभग पैंतीस साल पहले बनी इस जोड़ी ने ‘‘दो दुनी चार’’ फिल्म में दुग्गल दंपत्ति के रोल को रीयल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस फिल्म में ऋषि-नीतू की  संजीदा अदाकारी लाजवाब है।

रीयल लाइफ में नाना-नानी बन चुके ऋषि-नीतू की एक बार फिर से दो दुनी चार में मुख्य भूमिका में जबरदस्त प्रदर्शन काबिले तारीफ है। आइए इस दमदार जोड़ी के दमदार प्रदर्शन का राज और आगे इनका भविष्य जानने के लिए इनके सितारों पर एक नजर डालें।

ऋषि कपूर

ऋषि कपूर का जन्म मीन लग्न तथा कुंभ राशि में हुआ है। इनकी कुंडली में महाभाग्य, केन्द्र-त्रिकोण, कलानिधि, शंख, महालक्ष्मी तथा महापराक्रमी योग फिल्मों में सफलता की कहानी बयां कर रहा है। शनि दशा ने सत्तर के दशक में रिकार्ड तोड़ सफलता दिलायी, विवाह कराया तो उत्तम योग में शामिल बुध दशा ने अदाकारी में चार चांद लगाए। अक्टूबर 1997 से लगी केतु दशा ने चर्चित अभिनेता के रोल में शानदार आगज दिया। अब शुक्र दशा में पुन: बड़ी सफलता स्वगृही भाग्ययोग में शामिल मंगल की अंतदशा दिला रहा है।

आने वाला कल

आगामी वर्षों में चरित्र अभिनेता के रूप में ऋषि का जलवा बढ़ेगा। महत्वपूर्ण पुरस्कार, मान-सम्मान मिलेगा। बतौर निर्माता/निर्देशक भी भाग्य का साथ मिलेगा। खुद से ज्यादा संतान की तरक्की का दौर रहेगा। स्वास्थ्य, की समस्या, छोटी दुर्घटना साथ चलेगी।

नीतू सिंह कपूर

नीतू का जन्म कन्या लग्न तथा मिथुन राशि में हुआ है। इनकी कुंडली में उत्तम केन्द्र-त्रिकोण योग, सफल अमलकीर्ति, भद्र, महालक्ष्मी, शत्रुहंता, राजयोग, कलानिधि, योग फिल्मी दुनिया में बहुत कम समय में जबरदस्त नाम कमाने वाली अदाकारा बनाया। सत्तर के दशक में योगकारी शनि दशा ने राखी, हेमा मालिनी, रेखा की तिकड़ी को जबरदस्त टक्कर देने वाली अदाकारा बनाया। ऋषि की मीन लग्न-नीतू की कन्या लग्न एक - दूसरे से सप्रेम होना और ऋषि की कुंभ व नीतू की मिथुन राशि एक-दूसरे से नवम-पंचम होना इनकी जोड़ी की सुपर हिट होने का सबसे बड़ा ज्योतिषीय कारण बना।

दोनों की शनि दशा ने सत्तर के दशक में तहलका मचा दिया। लग्न-राशि की लाभप्रद स्थिति ने दोनों को अटूट बंधन में बांधा। अप्रैल 2010 से प्रारंभ स्वगृही भाग्येश शुक्र दशा ने एक बार पुन: दो दुनी चार के माध्यम से नीतू को बड़ी चर्चा में ला दिया।

आने वाला कल

आगामी तीन वर्ष तक शुक्र दशा-अंतर नीतू के लिए भाग्यवर्धक है। नये-नये किरदार में बड़े निर्माता-निर्देशक की फिल्मों में नजर आएंगी। कुछ महत्वपूर्ण पुरस्कार जो अब तक नहीं मिले इस दौरान उसकी प्राप्ति संभव होगी। महत्वपूर्ण सामाजिक कार्य, विज्ञापन तथा टी.वी. शो में जलवा बढ़ेगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अब भी वही आग ऋषि-नीतू