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सूर्य को साध लिया तो आपकी चमक के आगे सोना फेल

सूर्य को साध लिया तो आपकी चमक के आगे सोना फेल

सूर्य अपनी किरणों से पृथ्वी को ही आलोकित नहीं करता बल्कि आपकी जन्म कुंडली में वह शुभ होकर बैठा हो तो आपके व्यक्तित्व में भी चार चांद लगा देता है। सूर्य के शुभ प्रभाव से प्रभावित जातक आत्मविश्वासी और समाज को एक नई दिशा देने वाला होता है। सूर्य अशुभ स्थिति में हो तो ऐसा जातक निराशा की गर्त में डूबा हुआ और हड्डी आदि के रोगों से ग्रस्त अपना संपूर्ण जीवन गुजारता है।

जन्म कुंडली के बारह भावों में सूर्य अनुकूल फल न दे रहा हो तो प्रभावित जातक इन उपायों को करे तो उसके दुष्प्रभावों से बच कर सूर्य की कृपा दृष्टि प्राप्त कर सकता है।

प्रथम भाव में बैठा सूर्य अगर जातक को परेशान कर रहा हो तो उसे जीवन में सत्य का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। इसके अलावा अगर अपनी कमाई का एक हिस्सा वह दीन-दुखियों की सेवा में लगाए तो अपने जीवन में आए कष्टों को कम कर सकता है।

द्वितीय भाव में विराजमान सूर्य जातक को झगड़ालू बना देता है और उसकी तीखी जबान ही उसके पतन का कारण बनती है। अत: सूर्य का शुभ फल प्राप्त करने के लिए जातक अपनी जीभ पर नियंत्रण करना सीखे, साथ ही धार्मिक स्थानों पर समय-समय पर दिया दान और सदाचार का पालन उसके जीवन को पटरी पर लाने में कारगर सिद्ध होगा।

तृतीय भाव का सूर्य जातक की स्वयं की कमाई में ही वृद्धि करता है। अन्याय सहना या अन्याय देख कर चुप रहना जातक के सूर्य को कमजोर करता है। घर में बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद और तीर्थ यात्रा व्यक्ति की कुंडली में सूर्य को अनुकूल बनाती है।

चतुर्थ भाव में सूर्य जन्म स्थान से दूर भाग्योदय करवाता है। ऐसा व्यक्ति पारिवारिक व्यवसाय से हट कर कार्य करता है। यहां बैठे सूर्य को अनुकूल बनाने के लिए जातक अंधे व्यक्तियों को 43 दिन तक भोजन कराए और तांबे का सिक्का गले में धारण करे तो सूर्य के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है।

पंचम भाव में विराजमान सूर्य संतान के लिए हानिकारक होता है तथा ऐसे जातक को आए दिन पेट से जुड़ी समस्या बनी रहती हैं। इस अप्रिय स्थिति से बचने के लिए जातक लाल मुंह वाले बंदरों को गुड़-चना खिलाए। सूर्य को प्रतिदिन अर्घ्य दे और घर के पुराने रीति-रिवाजों का पालन करे।

छठा भाव का सूर्य जातक को अजातशत्रु बनाता है। यहां बैठा सूर्य मामा तथा मातृ पक्ष के लोगों के लिए शुभ नहीं रहता है। इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए व्यक्ति रात को सिरहाने पानी रख कर सोएं। इससे पिता के साथ उसके संबंध मधुर होते हैं और उनकी आयु भी बढ़ती है। इसके अलावा चांदी की वस्तु अपने पास रखे तथा घर में नदी का जल अवश्य रखें।

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