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शाम पांच बजे हुई रात, तेज हवाओं के साथ बारिश

सबकुछ सामान्य चल रहा था कि शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे के आसपास अचानक अंधेरा छाने लगा। देखते ही देखते आसमान पर काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। अचानक हुई बरसात से लोग चौंक गए, जो जहां था वहीं दुबक गया। कुछ समय के लिए जिंदगी मानो थम-सी गई।


मौसम विज्ञानी अचानक हुई बारिश का कारण पश्चिमी विक्षोभ मान रहे हैं। उनके अनुसार, भूमध्य सागर से चलने वाली ठंडी हवाएं पश्चिमी एशिया होते हुए पाकिस्तान के रास्ते भारत में इंट्री करती हैं। चूंकि अक्तूबर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान का अंतर 10 से 12 डिग्री के बीच रहा। इन परिस्थिति में भूमध्य सागर से चलने वाली ठंडी हवाओं को इंट्री करने में आसानी हुई। इन्हीं परिस्थितियों के कारण अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश हुई। मौसम विज्ञानी मौसम के इस रूप को खतरनाक मानते हैं।
सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के मौसम डॉ. अशोक अहलूवालिया की माने मौसम में इस तरह का परिवर्तन वर्षो बाद आया है। जिस तरह से दिल्ली और आसपास में ओले की सूचना मिली है, वह मौसम में तेज बदलाव का संकेत देती है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में आए इस बदलाव के कारण दो तीन-दिन तक मौसम में ठंड रहेगी। इसके बाद फिर सूर्य के तेवर तीखे होंगे।
डॉ. अहलूवालिया की माने तो यह मौसम खराब रहेगा। पूरे साल इसी तरह अचानक ठंड और गर्म के सिलसिले के कारण लोग बीमार होंगे। इसके अलावा मौसम का यह अंदाज क्लाइमेट चेंज का भी संकेत देता है। शिक्षिका रितु भारती की माने तो मौसम में यह परिवर्तन जारी रहेगा।

अच्छी नहीं है दीपावली के पहले बरसात
मेरठ। पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम बदल गया। मौसम विज्ञानियों की माने तो दीपावली से पहले यह बरसात दशकों बाद हुई है। इसके अलावा पूरे वर्षा सत्र और उससे पूर्व मौसम ने जिस तरह से अनिश्चितताओं का संकेत दिया है, उसके आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। यानि इस बार अगर तेज कोहरा और भयानक ठंड पड़े तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं है क्योंकि मौसम में ऐसी स्थितियां बन रही हैं, जो इसके लिए उत्तरदायी हैं। इस साल हुई भयानक वर्षा के कारण वायुमंडल में मौजूद कण जहां कोहरे के दिनों की संख्या बढ़ाएंगे, वहीं पश्चिमी विक्षोभ के कारण समय-समय पर होने वाली वर्षा ठंड के लिए उत्तरदायी होगी।

नीचे आया पारा
मेरठ। दो दिनों से वर्षा के कारण शुक्रवार को शहर का तापमान काफी कम हो गया। इसके अलावा दिल्ली और मेरठ के आसपास के कई इलाकों में बर्फ गिरने के कारण मौसम में ठंड बनी रही। मौसम के इस तेवर पर मौसम विज्ञानी कुछ भी कहने से बच हरे हैं। मेरठ कालेज के भूगोल विभाग के एचओडी डॉ. कंचन सिंह इसे सामान्य घटना के रूप में देखते हैं। उनका मानना है कि अभी एक दो बार और स्थितियां बनें। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में कुछ कहना संभव होगा।

बिजली हुई गुल
मेरठ। सिविल लाइन बिजलीघर पर फॉल्ट के कारण कलक्ट्रेट और आसपास के इलाकों में अंधेरा छा गया। चुनाव के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम में भी अंधेरा छा गया। चारों तरफ अफरातफरी मच गई। बिजली विभाग के अधिकारी हवा में तीर चलाते रहे। इस दौरान फाल्ट के कारणों को जानने के लिए विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधीशाषी अभियंता आरके अग्रवाल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। मुख्य अभियंता योगेश कुमार कुमार से भी संपर्क नहीं हो सका।

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