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एशियाड में स्वर्ण पर पंच मारने को तैयार हूं: विजेन्दर

एशियाड में स्वर्ण पर पंच मारने को तैयार हूं: विजेन्दर

राष्ट्रमंडल खेलों में मामूली अंतर से फाइनल में पहुंचने से दूर रह गए ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज विजेन्दर सिंह ने शुक्रवार को ऐलान किया कि वह अगले महीने चीन में होने वाले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक पर पंच लगाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

विजेन्दर ने संवाददाताओं से कहा कि मैं एशियाई खेलों के लिए पूरी तरह तैयार हूं और मैंने पटियाला में राष्ट्रीय शिविर भी ज्वाइन कर लिया है। एशियाई खेलों के लिए हमारी तैयारी शुरू हो चुकी है और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जो गलतियां मैंने राष्ट्रमंडल खेलों में की थी उन्हें ग्वांग्झू में नहीं दोहराऊंगा।

ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज ने वीआईपी की अल्फा बाक्सर स्ट्राली के नए उत्पादों की सीरीज का अनावरण करने के बाद कहा कि मैं 101 प्रतिशत एशियाई खेलों के लिए तैयार हूं और मुझे उम्मीद है कि जो काम राष्ट्रमंडल खेलों में अधूरा रह गया उसे मैं एशियाई खेलों में पूरा करूंगा।

उन्होंने कहा कि जीवन में ऐसे उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। कभी आप सफल हो पाते हैं और कभी नहीं हो पाते। मुझसे गलती हुई थी लेकिन उसे अब नहीं दोहराऊंगा। मैं उम्मीद करूंगा कि रेफरी इस बार मुझे फाउल न करे और मेरे पक्ष में फैसला दे।

75 किग्रा वर्ग में विश्व के नंबर एक मुक्केबाज विजेन्दर इंग्लैंड के मुक्केबाज एंथनी ओगोगो के खिलाफ 3-0 की बढ़त बना चुके थे लेकिन दो बार फाउल करने का उन्हें नुकसान उठाना पड़ा और वह सेमीफाइनल में जीतते-जीतते 3-4 से हार गए। उन्हें अंततः कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

यह पूछने पर कि अपने वजन वर्ग में उनकी विश्व रैंकिंग पर कोई असर पड़ा है तो विजेन्दर ने कहा कि रैंकिंग के बारे में मुझे ज्यादा कुछ मालूम नहीं। वैसे भी मेरा ध्यान रैंकिंग पर नहीं देश के लिए पदक जीतने पर रहता है।

एशियाई खेलों में अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों के सवाल पर विजेन्दर ने कहा कि मुकाबला बहुत कड़ा होगा और चीन तथा उजबेकिस्तान जैसे पूर्व सोवियत देशों के मुक्केबाजों से उन्हें कड़ी चुनौती मिलेगी।

विश्व मुक्केबाजी सीरीज में दिल्ली के हाथ से फ्रेंचाइजी निकल जाने के बारे में पूछने पर विजेन्दर ने अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि मुझे काफी दुख हुआ कि भारत को फ्रेंचाइजी नहीं मिल पाई। यह निश्चय ही अफसोस की बात है। भारतीय मुक्केबाजों को खुद को अंतरराष्ट्रीय पर दिखाने का जो अच्छा मौका था वह उनके हाथ से निकल गया।

विजेन्दर खुद भी इस सीरीज से पहले ही हट चुके थे। इस बारे में उन्होंने कहा कि मैं 75 किग्रा वर्ग में लड़ता हूं लेकिन विश्व सीरीज के लिए मुझे या तो 73 किग्रा या फिर 85 किग्रा वजन वर्ग में जाना था। मेरे लिए 85 किग्रा में जाना काफी मुश्किल था। इसलिए मैंने खुद को इस सीरीज से हटा दिया। उन्होंने कहा कि यदि इस सीरीज में भारत को दोबारा फ्रेंचाइजी हासिल करने का मौका मिलता है तो यह हमारे मुक्केबाजों के लिए अच्छा होगा।

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