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दि चेयर पर बोतली आत्माएं

दि चेयर पर बोतली आत्माएं

आत्माओं के बारे में सुना तो सभी ने होगा, पर इन सब पर विश्वास बहुत कम लोग करते हैं। क्या आत्माएं सच में होती हैं? क्या वो बिना दिखे अपने होने के सबूत देती हैं? कुछ ऐसे ही प्रश्नों के उत्तर यूटीवी बिंदास अपने रियलिटी शो ‘द चेयर’ में खोजने की कोशिश कर रहा है। यह पहला हॉरर रियलिटी शो है, जो देश की तेरह सबसे डरावनी लोकेशन्स पर शूट किया गया है।

इस शो के माध्यम से यह पता करने की कोशिश की जा रही है कि क्या वाकई इन जगहों पर आत्माओं का साया है या नहीं। चुनी गई लोकेशन्स देश की सबसे डरावनी लोकेशंस बताई जा रही हैं, जहां परिंदे तक पर नहीं मारते। अभी तक इस शो के करीब 5-6 एपिसोड दिखाए जा चुके हैं और कुछ चौंकाने वाले सच सामने आए हैं। जितने भी प्रतियोगी इन लोकेशनस पर गए, उन सभी का यही कहना है कि उन लोकेशनस पर आत्माओं का साया है। वहां उन्होंने अनदेखी शक्तियों को महसूस किया और उन्हें अजीब-अजीब डरावनी आवाजें सुनाई दीं। शो के दौरान कई कन्टेसटेंट तो इतना डर गए कि उन्होंने बीच में ही अपना टास्क छोड़ दिया।

शो के दौरान हर लोकेशन पर एक चेयर प्लेस की जाती है और प्रतियोगियों को उस तक पहुंचना होता है। प्रतियोगी उस चेयर पर बैठता है और आत्माओं से बात करने की कोशिश करता है। यह चेयर प्रतियोगी को किसी दूसरी दुनिया में पहुंचा देती है, जहां इंसान आत्माओं से बातें करता है और उनको मुक्त कराने की कोशिश करता है। आत्माओं तक पहुंचने और उन्हें मुक्त कराने में प्रतियोगियों की मदद करती हैं स्पिरिचुअल हीलर स्वाति।

स्वाति सभी लोकेशन्स की पहले जांच-पड़ताल करती हैं और फिर उस जगह चेयर प्लेस करती हैं, जहां नेगिटिव आत्माएं कम होती हैं। स्वाति से हमने पूछा कि आत्माएं क्या सच में होती हैं और आज के युवाओं का इस बारे में क्या सोचना है? उनका कहना था कि ‘हम सभी के शरीर के अंदर एक आत्मा है। हमारे विचार, भावनाएं और इच्छाएं हमारी आत्मा या सूक्ष्म शरीर का हिस्सा बन जाते हैं और अगर किसी कारणवश हमारी आकस्मिक मृत्यु हो जाती है तो हमारी आत्मा मुक्त नहीं हो पाती या फिर जब इंसान मृत्यु के बाद भी अपने पिछले जीवन को छोड़ नहीं पाता तो भी हमारी आत्मा मुक्त नहीं हो पाती और इस वजह से हो सकता है कि आत्मा दूसरों से बात करना चाहे, उन्हें मैसेज देना चाहे और उन्हें अपनी दिक्कत बताना चाहे।’
क्या युवा इन सब बातों को शो के दौरान सहजता से स्वीकार लेते हैं, इस बारे में स्वाति कहती हैं, ‘जितने भी युवाओं से हमने बात की, वे सभी बहुत समझदार और स्पिरिचुअल हैं। वो जानते हैं कि हमारे अंदर भी एक आत्मा है और वो खुद अपनी ही आत्मा से बातचीत करने की कोशिश करते हैं।’ स्वाति ने बताया कि वो एक पेन्डुलम का इस्तेमाल करती हैं, जो विभिन्न धातुओं से बना होता है और आसपास मौजूद शाक्तियों को महसूस कर लेता है।

इस विषय में वह आगे कहती हैं, ‘आत्माएं खुद हमें अपने पास बुलाती हैं, जिससे हमें मदद मिलती है और पता चल जाता है कि चेयर प्लेस करने की सही जगह कौन सी है और कभी-कभी आत्मा साफ मैसेज भी दे देती है कि कौन सा चैलेंजर चेयर पर बैठेगा।’

यह पूछने पर कि क्या चेयर सेशन के बाद आत्मा मुक्त हो जाती है? उनका कहना था कि वो पूरी कोशिश करती हैं कि आत्माओं को मुक्त कराया जा सके, लेकिन कई बार वजहें इतनी सारी होती हैं कि आत्माओं को मुक्त नहीं कराया जा सकता। हम सिर्फ उन्ही आत्माओं को मुक्त करा पाते हैं, जिनसे हमारा संपर्क हो पाता है।

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