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महिला एथलीटों की कामयाबी में पतियों का हाथ

महिला एथलीटों की कामयाबी में पतियों का हाथ

कभी महिलाओं खिलाड़ियों को मुकाम स्थापित करने के लिए काफी परेशानियों से जूझना पड़ता था, लेकिन अब उनके पतियों ने उन्हें कई तरह की समस्याओं से निजात दिला दिया है जिससे वे अपने खेल पर ध्यान केंद्रीत कर देश का तिरंगा ऊंचा कर अपने परिवार की आंखों का तारा बन रही हैं।
    
पांच बार की विश्व चैम्पियन मुक्केबाज़ एम सी मैरीकॉम हों या राष्ट्रमंडल में पदक जीतने वाली कृष्णा पूनिया सभी शादीशुदा एथलीट अपने पतियों की मदद से सफलता के नये आयाम गढ़ रही हैं। मैरीकॉम ने कहा कि मैं तो मुक्केबाजी छोड़ने का मन बना चुकी थी, लेकिन मेरे पति ओनलर ने मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जिसकी बदौलत आज मैं इस मुकाम पर पहुंची हूं।
    
वहीं हाल में राष्ट्रमंडल खेलों में डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाली कृष्णा भी अपने पति और कोच वीरेंद्र पूनिया को अपनी सफलता का श्रेय देती हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पति ने हर मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियों में हमेशा मेरा साथ निभाया है और उन्हीं की प्रेरणा से मैं गोल्ड मेडल हासिल कर पाई।
    
भारत की स्टार एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज अब चार महीने के बेटे की मां हैं, लेकिन वह मानती हैं कि अगर उनके पति और कोच रोबर्ट बॉबी जॉर्ज ने उनकी मदद नहीं की होती तो उन्हें कोई नहीं जानता। अंजू ने कहा कि मेरी शादी के बाद ही मेरे कैरियर में नया मोड़ आया क्योंकि मेरे पति और ससुरालवाले सभी ने हर कदम में मेरा साथ दिया। मेरे पति की कोचिंग के कारण ही मैं यह मुकाम हासिल कर सकी।

भारोत्तोलक मोनिका देवी को जब बीजिंग ओलंपिक जाने से तुरंत पहले डोपिंग के कारण रोक दिया गया तो वह काफी निराश हो गई थी और इस खेल को छोड़ने का मन बना चुकी थी। लेकिन उनके पति और कोच देवदत्त शर्मा ने उन्हें वापसी करने के लिए तैयार किया।
    
देवदत्त शर्मा ने कहा कि बीजिंग ओलंपिक से पहले इस डोपिंग के आरोप से वह काफी टूट गई थी और खेल से हटना चाहती थी। वह मेरी पत्नी है और मेरा अभिन्न हिस्सा है इसलिए मैं हर कदम पर उसके साथ रहा और उसे वापसी के लिए मनाया।
    
निशानेबाज़ अनीसा सय्यद ने हाल में राष्ट्रमंडल खेलों की निशानेबाजी स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए और अपने प्रदर्शन का श्रेय अपने पति को दिया जिन्होंने हर कदम पर उसकी मदद की। पहलवान सोनिका कालीरमण ने कुछ समय पहले ही शादी रचाई है लेकिन वह शादी के बाद ही फीयर फैक्टर में भाग लेने गई थी। उन्होंने कहा कि मेरे पति खुद एक एथलीट हैं और मुझे कुश्ती में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। फीयर फैक्टर में भाग लेने के लिए उन्होंने ही पहल की थी।
 
टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा भी पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शोएब मलिक से निकाह रचाने के बाद देश का नाम ऊंचा कर रही हैं। ऐसी अटकलें लगाई जा रही थी कि सानिया शादी के बाद टेनिस छोड़ देंगी, लेकिन उन्होंने इसका खंडन करते हुए कहा था कि शोएब मेरे हर फैसले में मेरे साथ हैं और मुझे खेलने के लिए प्रेरित करते हैं। हाल में राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने देश को रजत और कांस्य पदक दिलाए थे।

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  • Web Title:महिला एथलीटों की कामयाबी में पतियों का हाथ