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राज्य भर में सैकड़ों बंद समर्थक गिरफ्तार व रिहा

‘पेसा’ के तहत राज्य में पंचायत चुनाव के विरोध में गुरुवार को सदानों के बंद का राज्य में मिला-जुला असर देखा गया। सदान संघर्ष मोरचा और सदान विकास परिषद के इस बंद का कई संगठनों ने समर्थन किया था।

इस दौरान राज्य भर में सैकड़ों बंद समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। शाम में पीआर बांड पर सभी को छोड़ दिया। इसमें सर्वाधिक 115 लोगों को रांची में गिरफ्तार किया गया, जिसमें पूर्व मंत्री लालचंद महतो भी शामिल थे।

मेदिनीनगर को छोड़ लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और गढ़वा जिले में सदानों का झारखंड बंद असरदार रहा। बंद समर्थकों ने न केवल यातायात व्यवस्था बाधित की, बल्कि ट्रेनों के परिचालन को भी ठप करा दिया।

रांची-लोहरदगा ट्रेन को टांगरवसूली के पास रोका गया। स्टेट हाइवे को मन्हो के पास सुबह सात बजे से आठ बजे तक जाम किया गया। बंद कराने के क्रम में बंद समर्थकों ने कई गाड़ियों के शीशे तोड़ डाले।

गुमला का टावर चौक सुबह सात बजे से साढ़े दस बजे तक जाम रहा। सिमडेगा में बंद के कारण एक भी दुकानें नहीं खुली। बंद से लोग परेशान रहे। इधर लातेहार में बंद समर्थक सुबह से ही प्रखंड कार्यालय के निकट और थाना चौक के पास सड़क जाम कर रखे थे।

हजारीबाग में एनएच-33 स्थित जिला परिषद चौक कुछ घंटों के लिए जाम किया गया। समाहरणालय के बाहर भी प्रदर्शन किया गया। शहर के कई जगहों पर पुलिस बल की व्यवस्था की गई थी। विष्णुगढ़ में प्रभावशाली ढंग से बंद किया गया। आंदोलनकारियों ने घंटों एनएच-33 जाम किया। बंद कोडरमा में बेअसर रहा। सभी ट्रेन निर्धारित समय से चली।

चतरा में अन्य दिनों की तरह बाजार खुले रहे और यात्री वाहनों का परिचालन भी सामान्य रूप से चलता रहा। रामगढ़ जिले में बंद का असर सुबह में व्यापक तो दिन चढ़ने के साथ कम होता गया। एनएच 33 व 23 पर सुबह में बंद समर्थकों ने जगह-जगह सड़क को जाम कर दिया, जिन्हें वहां से हटाने के लिए पुलिस को समर्थकों को गिरफ्तार करना पड़ा।

कोयलांचल में बंद का कोई खास असर नहीं रहा। धनबाद के बरवाअड्डा स्थित किसान चौक से पुलिस ने रोड जाम करने वाले 764 लोगों को हिरासत में लिया, जिन्हें फिर छोड़ दिया। थोड़े देर के लिए पुलिस व बंद समर्थक आमने-सामने हो गए थे।

लेकिन स्थिति बिगड़ने से पहले ही संभाल ली गई। बोकारो के जैनामोड़ में सुबह 11 बजे सड़क जाम करने की कोशिश की गई। वहीं गिरिडीह डुमरी चौक पर डेढ़ घंटे तक सड़क जाम की गई।

दुमका और आसपास के इलाके में बंद का व्यापक असर पड़ा। व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। यहां तक कि चाय-पान की गुमटियां भी बंद थीं। दुमका शहर के टीन बाजार में फल मार्केट को बंद कराने के सवाल पर बंद समर्थकों और दुकानदारों के बीच हल्की झड़प भी हुई। समर्थकों ने यहां फल दुकानों में तोड़फोड़ भी की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। दुमका बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहा।

उधर, बंद का कोल्हान में कोई असर नहीं दिखा। चाईबासा, सरायकेला और घाटशिला में दुकानें खुली रहीं। एनएच पर वाहन सामान्य रूप से चले। जनजीवन सामान्य रहा। जमशेदपुर शहर सदानों के समर्थन में मगही एकता मंच ने मानगो पुल जाम कर दिया।

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