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व्रत और त्योहार

पंचक रात्रि 8 बजकर 22 मिनट पर समाप्त। स्नान-दान-व्रतादि की आश्विनी पूर्णिमा। रात्रि में लक्ष्मी कुबेरादि पूजा। शरद पूर्णिमा। कोजागरी पूर्णिमा। लक्ष्मी पूजा। महर्षि बाल्मीकि जयंती। आज से कार्तिक मास पर्यन्त आकाश में दीपदान करना चाहिए। ओली समाप्त (जैन)। सूर्य दक्षिणायन। सूर्य दक्षिण गोल। शरद ऋतु। प्रात: 10 बजकर 30 मिनट से मध्याह्न 12 बजे तक राहुकालम्।

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