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कूड़ा से बनाइए कंपोस्ट, कहिए बाय-बाय

शहर से कूड़े को बाय-बाय करने का वक्त आ गया है। दिल्ली की एक कंपनी ने छोटे स्तर पर कूड़े से खाद बनाने की पहल कर एक अच्छी शुरूआत की है। कंपनी के इस अभिनव प्रयोग को अभियान बना दिया जाए तो इसके एक साथ कई फायदे देखने को मिलेंगे।

कालोनियों व सड़क किनारे इर्द-गिर्द फैले कूड़े के ढेर से जहां निजात मिलेगी, वहीं सड़ांध व बदबू से मुक्ति। कूड़े के ढ़ेर पर मंडराने वाले आवारा पशुओं व जानवरों से भी छुटकारा मिल जाएगा। खेती व उद्यानों के किसानों को भी शुद्ध कम्पोस्ट मिल सकेगा,सो अलग।
दिल्ली की ट्रेटाटेक कंपनी द्वारा इसकी पहल शहर में की गई है। कंपनी द्वारा यमुना एक्शन प्लान 2 के तहत कंसलटेंट का काम में यूपी के आठ महत्वपूर्ण शहरों में प्लानिंग की जा रही है। पिछले सालों में कंपनी को नगर निगम की ओर से शहर के कूड़ा के डिस्पोजल की सरल तकनीक को धरातल पर उतारने को कहा गया था। कंपनी द्वारा साल भर से शहर के दो वार्डो पांच के मालीवाड़ा व 80 के कैला भट्टा में साल भर से जागरूकता की अलख जलाई जा रही है। घरों से निकलने वाले सूखा व गीला कूड़ा के  अलग-अलग कलेक्शन के लिए सफाई कर्मियों व सुपरवाइजरों को बताया जा रहा है।
मालीवाड़ा से हुई शुरूआत
कंपनी के अथक प्रयास के बाद वार्ड पांच के पार्षद राजेन्द्र तितौरिया ने कंपोस्ट पिट के लिए जगह दिलाई। टेट्राटेक कंपनी द्वारा अपने खर्चे से मालीवाड़ा में खाली जमीन पर छोटा कंपोस्ट पिट तैयार किया गया है। जिसमें पार्षद व निगम सुपरवाइजरों की देखरेख में गीला कूड़ा को सड़ाकर देशी खाद तैयार करने का काम चल रहा है। कंपनी के प्रोजेक्ट ऑफीसर अजय राणा ने बताया कि एक बार में एक हजार किलो कूड़ा से 45 दिनों के भीतर एक चौथाई शुद्ध देशी खाद बनकर तैयार हो जाती है। जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। उन्होंेने बताया कि कैला भट्टा क्षेत्र में भी लगातार जनसंपर्क  कर माहौल बनाने का प्रयास चल रहा है, पार्षद रियासुद्दीन सलमानी द्वारा जगह उपलब्ध कराते ही वहां पिट बनाकर कूड़े से खाद बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

यूपी के आठ शहरों में योजना: सोनल
 टेट्राटेक कंपनी की इंवायरमेंटल एंड एडवायजरी हैड सोनल अग्रवाल ने बताया कि कंपनी द्वारा कूड़े से कंपोस्ट बनाने की सरल व मुफ्त में तैयार की जाने की यह योजना है।  दरअसल, गाजियाबाद के दो वाडरें के अलावा नोएडा में भी तीन स्थानों पर कंपनी द्वारा लगातार कूड़ा मैनेजमेंट का काम कंपनी के लोंगों द्वारा किया जा रहा है। नोएडा में सेक्टर 8 में कंपोस्ट पिट बनाई गई है। सेक्टर 26 की कालोनियों व अट्टा गांव में कंपेन चल रहा है। शीघ्र ही वहां भी पिट बनाकर कंपोस्ट तैयार किया जाएगा। यह बहुत ही सरल,सस्ता व कूड़ा को खपाने का सुरक्षित तरीका है। इसे अगर शहर के कई इलाकों में शुरू किया जाए तो कूड़ा स्वत: ही समाप्त होता रहेगा। सोनल ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा यमुना नदी को साफ व स्वच्छ बनाने के लिए यमुना एक्शन प्लान 2 के तहत यूपी के आठ शहरों को चुना गया है। इनमें गाजियाबाद के अलावा मुजफ्फरनगर,सहारनपुर, नोएडा, मथुरा, वंृदावन, आगरा एवं इटावा जिले को चुना गया है। ये सभी वे शहर हैं जहां-जहां से होकर यमुना नदी गुजरती है। इन शहरों में तीन-तीन स्थानों पर यह कार्य लगातार चल रहा है।

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