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कसाब ने कोर्ट में पेश होने से इनकार किया

कसाब ने कोर्ट में पेश होने से इनकार किया

पाकिस्तानी आतंकवादी आमिर अजमल कसाब की ओर से अदालत में व्यक्तिगत पेशी की मांग के एक दिन बाद ही उसने बॉम्बे हाईकोर्ट में वीडियो लिंक के माध्यम से पेश होने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह मौत की सजा की पुष्टि से जुड़ी जिरह सुनने का इच्छुक नहीं है लेकिन न्यायाधीशों से उसके वकील से कहा कि उसकी शिकायतों का पता लगाएं।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हाईकोर्ट की कार्यवाही में हिस्सा लेते रहे कसाब ने मंगलवार को मांग की थी कि उसे अदालत में व्यक्तिगत तौर पर पेश होने की अनुमति दी जाए। कसाब ऐसा कहकर वेब कैमरे पर थूक कर चला गया था। सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के तुरंत बाद एक जेल अधिकारी ने न्यायमूर्ति रंजना देसाई और आरवी मोरे की सदस्यता वाली पीठ को बताया कि कसाब ने पेश होने से मना कर दिया है।

कसाब के वकील अमीन सोलकर ने जब यह कहा कि मंगलवार को उन्हें उनके मुवक्किल से मिलने की अनुमति नहीं दी गई तो उनके आरोपों की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रंजना देसाई और आरवी मोरे ने जेल अधीक्षक राजेंद्र धमाणे को गुरुवार को अदालत में पेश रहने का आदेश दिया।

न्यायाधीशों ने कहा कि वे गुरुवार को धमाणे का पक्ष जानने के बाद आदेश पारित करेंगे। न्यायालय ने सोलकर से कहा कि वह अदालत के कामकाज के समय कसाब से मिलने पर विचार करें। पीठ ने कहा आप आपने कनिष्ठ से कार्यवाही के दौरान मौजूद रहने को कह सकते हैं और आप सुबह के सत्र में या फिर दोपहर बाद अपने मुवक्किल से मिल सकते हैं।

इस साल छह मई को एक विशेष अदालत ने कसाब को 26/11 मामले में दोषी पाए जाने पर मौत की सजा सुनाई थी। 26/11 की वारदात में 166 लोग मारे गए थे। कसाब फिलहाल मध्य मुंबई स्थित ऑर्थर रोड जेल में बंद है।
   
सोलकर ने न्यायालय के बाहर बताया कि उन्हें संदेह है कि अधिकारियों ने कसाब को गलत तरीके से पेश आने के लिए उकसाया है। उन्होंने कहा वह आम तौर पर अच्छा व्यवहार करता है और वह खुद से कुछ नहीं करेगा।

सोलकर ने कहा पिछली दफा कसाब ने कागज और कलम की मांग की थी ताकि वह हमें लिखकर बता सके कि किन-किन मुद्दों पर जिरह करनी है लेकिन जेल अधिकारियों ने उसकी मांग पूरी नहीं की। कसाब के वकील ने कहा कि वह कसाब से कहेंगे कि अदालत में व्यक्तिगत तौर पर पेश होना उसके लिए सुरक्षित नहीं है। वह कसाब से कहेंगे कि यदि वह जिरह सुनना चाहता है तो वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पेश हो।
   
इस बीच, विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने लगातार तीसरे दिन कसाब की मौत की सजा की पुष्टि पर अपनी दलीलें पेश करना जारी रखा। निकम ने न्यायालय में पुलिस अधिकारियों के बयान पेश किए। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सदानंद दाते के बयान भी पेश किए जो कसाब और वारदात में हलाक हुए आतंकवादी अबु इस्माइल का गोलियों से मुकाबला कर रहे थे।

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