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अपनी गलतियों से सबक ले पाकः भारतीय हॉकी कप्तान

अपनी गलतियों से सबक ले पाकः भारतीय हॉकी कप्तान

राष्ट्रमंडल खेलों में शर्मनाक प्रदर्शन के लिए भारतीय दर्शकों को दोषी ठहराने वाले पाकिस्तानी हॉकी कप्तान जीशान अशरफ को करारा जवाब देते हुए भारतीय टीम के कप्तान राजपाल सिंह और कोच हरेंद्र सिंह ने कहा है कि अपना दोष दूसरों पर मढने की बजाय पाकिस्तानी टीम को गलतियों से सबक लेना चाहिए।
     
राजपाल ने कहा कि ये सब बहानेबाजी है। यदि उन्हें यहां खेलने में इतनी ही दिक्कत थी तो फिर विश्वकप के बाद क्यों नहीं कहा। उन्होंने यहां भारतीय दर्शकों की तारीफ की थी और वहां लौटकर कुछ और कह रहे हैं। यह उनकी पुरानी आदत है।
     
वहीं राष्ट्रीय कोच हरेंद्र ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया के खिलाफ पाकिस्तान के मैचों के दौरान वह ध्यानचंद स्टेडियम में मौजूद थे और दर्शकों ने कभी भी अशिष्टता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि मैंने पाकिस्तानी टीम के दो मैच देखे थे और यह भी देखा कि दर्शकों ने पाकिस्तान का साथ दिया। उद्घाटन समारोह में भी भारत के बाद सबसे ज्यादा तालियां पाकिस्तानी दल को मिली। इसके बाद इस तरह की बयानबाजी सरासर गलत है जबकि हम दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय खेल संबंध बहाल करने पर ज़ोर दे रहे हों।
    
राष्ट्रमंडल खेलों में छठे स्थान पर रहने के बाद पाकिस्तानी कप्तान जीशान ने स्वदेश लौटने के बाद भारतीय दर्शकों को इस प्रदर्शन के लिए कसूरवार ठहराते हुए कहा था कि उनकी टीम के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया जिसके दबाव में खिलाड़ी अच्छा नहीं खेल पाए।

हरेंद्र ने कहा कि पाकिस्तानी हॉकी आंतरिक समस्याओं से जूझ रही है और अपने खराब प्रदर्शन का दोष दूसरों पर मढ रही है। यह अच्छी बात नहीं है। उन्हें अपने प्रदर्शन का आत्ममंथन करके गलतियों से सबक लेना चाहिए।
    
उन्होंने यह भी कहा कि हार को स्वीकार करने की शिद्दत टीम में होनी चाहिए जो पाकिस्तान में नहीं दिखी। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया से फाइनल में हारने के बाद हमने स्वीकार किया कि हम खराब खेले लेकिन पाकिस्तान ने हार को स्वीकार करने का साहस नहीं दिखाया।
    
राजपाल ने दिल्ली के दर्शकों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी टीम ने तो फाइनल मैच के बाद मैदान का चक्कर लगाते हुए प्लेकार्ड भी दिखाया था जिस पर दर्शकों को धन्यवाद दिया गया था। उन्होंने कहा कि दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे भारत में लोग गोल का मज़ा लेते हैं। भारतीय टीम गोल करती है तो शोर ज्यादा होता है लेकिन इसके मायने यह नहीं कि दूसरी टीमों के साथ बदतमीजी की जाती हो। विश्वकप और राष्ट्रमंडल खेलों में भी हमने यह देखा।
     
फरवरी मार्च में हुए विश्वकप में 12वें स्थान पर रहे पाकिस्तान को इसी मैदान पर दोनों टूर्नामेंटों में भारत ने पूल चरण में हराया। राजपाल ने कहा कि ज़ीशान को तो पहले भी भारत में खेलने का काफी अनुभव है लिहाज़ा उन्हें ये बयान नहीं देना चाहिए था।
    
उन्होंने कहा कि ज़ीशान तो पीएचएल और 2006 में सीरीज़ भी खेल चुका है। सियासी तनाव तो पहले से है लेकिन फिर भी वे यहां खेलते रहे हैं। ऐसे में इस तरह की बयानबाजी समझ से परे है। अगले महीने चीन में एशियाड में भारत को करारा जवाब देने की पाकिस्तान की चुनौती के बारे में हरेंद्र ने कहा कि हम भी पूरी तैयारी से जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की चुनौतियों से कुछ नहीं होता। उस दिन 70 मिनट जो टीम अच्छा खेलेगी, वो जीतेगी।

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