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सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम, भारत-नेपाल सीमा सील

सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम, भारत-नेपाल सीमा सील

बिहार विधानसभा के लिए सीमांचल और कोसी क्षेत्र सहित आठ जिलों के 47 विधानसभा क्षेत्रों में गुरुवार को होने वाले चुनाव में प्रथम चरण के मतदान के लिए भारत नेपाल सीमा तथा पश्चिम बंगाल के साथ लगी अंतरराज्यीय सीमा को सील कर दिया गया है और साथ ही वहां हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

मधुबनी के पुलिस अधीक्षक अजिताभ कुमार ने कहा कि मतदान में गड़बड़ी उत्पन्न करने के इरादे से बिहार में घुसपैठ करने की कोशिश करने वाले तत्वों को रोकने के लिए भारत नेपाल सीमा पर स्थित जिले के माधवपुर, खतौनी, फुलपरास और लौकहा क्षेत्रों को सील कर दिया गया है। एसएसबी और अन्य सुरक्षाकर्मी लगातार चौकसी कर रहे हैं।

कुमार ने बताया कि विशेष तौर पर प्रशिक्षित कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। सीमा पर स्थित क्षेत्रों को सील करने का काम मतदान शुरू होने तक जारी रहेगा। इसी प्रकार पश्चिम बंगाल और नेपाल से लगने वाले बिहार के सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज और अररिया जिलों की सीमा को सीलबंद करने का काम बुधवार सुबह शुरू हुआ।

पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने बताया कि सीमा पार से आकर मतदान में गड़बड़ी उत्पन्न करने की मंशा रखने वाले असामाजिक तत्वों और उनकी गतिविधियों पर एसएसबी तथा केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जवान पैनी नजर रखेंगे।

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, एसएसबी के कर्मियों तथा अन्य राज्यों से बुलाये गये सुरक्षा बलों की तैनाती के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार करते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं।

बहरहाल नीलमणि ने कहा कि हर मतदान केंद्र पर सशस्त्र बलों की तैनाती सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक और अन्य राज्यों से बुलाये गये सुरक्षा बल समुचित संख्या में हैं।

मुख्य अतिरिक्त निर्वाचन पदाधिकारी कुमार अंशुमाली ने कहा कि अधिकतर मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती के लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं। उन्होंने कहा कि एक मतदान केंद्र से दूसरे मतदान केंद्र के बीच पुलिस की गश्त बढ़ा दी जाएगी।

अंशुमाली ने बताया कि पहली बार 20 फीसदी मतदान केंद्रों से वोटिंग का सीधा प्रसारण सुनिश्चित करने के लिए सीधे वेबकास्टिंग प्रसारण की व्यवस्था की गयी है। इस प्रसारण पर जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुधीर कुमार राकेश और नई दिल्ली में निर्वाचन आयोग की सीधी नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जाएगी।

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के 45 हजार से अधिक कर्मियों को केंद्र की ओर से उपलब्ध कराया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि बिहार में छह चरणों में 243 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव कराने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 600 कंपनियों की मांग की थी लेकिन 450 कंपनियों को उपलब्ध कराने पर सहमति हुई।

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