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कैट अब समय मॉक ड्रिल का

कैट अब समय मॉक ड्रिल का

बिल्ली के गले में घंटी बांधने का समय आ गया है। कैट की परीक्षा शुरू होने में बस एक सप्ताह ही शेष है। यही वह समय है, जब आप अब तक की तैयारी को मॉक टैस्ट के जरिए जांच सकते हैं और पुख्ता कर सकते हैं। इसे कैसे देना है अंजाम और किन बातों का रखना है ख्याल, कैट की इस मॉक ड्रिल के बारे में बता रहे हैं अनुराग मिश्र

कैट शुरू होने में महज एक सप्ताह बाकी है। जैसे-जैसे दिन कम होते जा रहे हैं, छात्रों में तनाव बढ़ता जा रहा है। इस दौरान मॉक टैस्ट में बेहतर प्रदर्शन न कर पाना हताश करने वाला होता है। कई अनसुलझे सवाल बार-बार मन में घुमड़ते रहते हैं। मेरे अंग्रेजी के पेपर अच्छे नहीं जा रहे, ऐसे में क्या इस परीक्षा में अंग्रेजी के सेक्शन को हल करना चाहिए या नजरअंदाज करना चाहिए? तैयारी के बावजूद मेरा मॉक टैस्ट में प्रदर्शन बेहतर नहीं हो पा रहा है। ऐसे में क्या मुझे इस वर्ष परीक्षा नहीं देनी चाहिए? कैट काफी कठिन है, तो क्या मुझे एनमैट और स्नैप पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए? शुरुआती मॉक टैस्ट में मेरा प्रदर्शन बेहतर था, लेकिन बाद के मॉक टैस्ट में प्रदर्शन कमजोर होता गया, क्या इसका मतलब है कि मैं अपना टच खोता जा रहा हूं? डाटा इंटरप्रिटेशन में मेरी अब तक पकड़ नहीं बन पाई है। यहां तक कि अंतिम दो मॉक टैस्ट में मेरा
कटऑफ तक क्लीयर नहीं हुआ है। ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए। क्या इस दौर में मुझे प्रतिदिन मॉक टैस्ट देना चाहिए?

ऐसे समय में क्या करें

आप एक खराब मॉक टैस्ट की चिंता न करें। इस स्टेज में परीक्षा के परिणामों की चिंता न कर आप अपने मजबूत और कमजोर पक्ष के बारे में स्पष्ट रहें। शेष बचे दिनों में आप डाटा इंटरप्रिटेशन और लॉजिक के 75 से 80 प्रश्नों को हल करें। इससे आप कैट परीक्षा के पैटर्न के अनुरूप सहज हो पाएंगे। पांच पैसेज प्रतिदिन पढ़ें और इस पर भी गौर करें कि उनमें विभिन्नता हो। अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दें। साथ ही आप पेपर में किसी भी तरह की अनिश्चितता के लिए तैयार रहें। कैट परीक्षा में आपकी दबाव को सह सकने की क्षमता और कई संभावनाओं में से एक बेहतर संभावना तलाशने की परीक्षा ली जाती है। इस बात को ध्यान रखिए कि बेहतर प्रबंधक वही होते हैं, जो किसी बदलाव पर चौंकने के बजाए उसे सकारात्मक रूप में लेते हैं। 

असफलता का डर छोड़ो

सभी के मन में इस चिंता का होना स्वाभाविक है कि कैसे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देकर इस परीक्षा में बेहतर किया जाए। यहां कुछ टिप्स बताए जा रहे हैं, जो आपको परीक्षा में बेहतर करने में मददगार साबित होंगे।

अपनी सफलता के बारे में विजुलाइज कीजिए। मॉक टैस्ट के माध्यम से आपने इस परीक्षा के प्रोसेस और प्रारूप को तो गंभीरता से परख ही लिया होगा। 

अपनी प्रैक्टिस को जारी रखें। कई छात्र परीक्षा के हफ्ते-दस दिन पहले से ही तैयारी छोड़ देते हैं तो कुछ ज्यादा प्रैक्टिस से बोर हो जाते हैं। किसी तरह का दवाब न लेकर प्रैक्टिस करते रहें। रिवीजन का मतलब है प्रश्नों की समस्या और कॉन्सेप्ट को समझना, न कि उन्हें हल करना। नए प्रश्नों और कॉन्सेप्ट की तरफ से फोकस हटाएं। इस बात पर ध्यान दें कि आपकी क्षमताएं क्या हैं। साथ ही उन टॉपिक के लिए भी परेशान न हों, जो आपको नहीं आते।

अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। पूरी नींद लें।

मानसिक तौर पर किसी भी तरह की परीक्षा का टेंशन न लें, क्योंकि यह आपकी तैयारी में फर्क डाल सकता है। मेडिटेशन करें।

परीक्षा केंद्र के टिकट को चेक कर लें। किस समय आपको वहां पहुंचना है, उससे तीस मिनट पहले ही परीक्षा केंद्र पहुंच जाएं।

कैट के बारे में किसी भी तरह के अनुमान से बचें। परीक्षा के प्रारूप के बारे में ज्यादा सोचना आपके टेंशन को बढ़ाएगा ही। किसी भी तरह के आश्चर्य के लिए तैयारी रहें।

अंतिम 48 घंटे सबसे ज्यादा तनाव भरे होते हैं। ऐसे में इस दौरान कैट के बारे में किसी भी तरह की चर्चा से परहेज करें और दूसरे उम्मीदवार से अपनी मीटिंग को इस दौरान टालना ही बेहतर होगा।

परीक्षा शुरू होने से पहले अपना टाइम प्लान बना लें। दिशा-निर्देश पढ़ने के बाद आपको सेक्शनों की संख्या, प्रश्नों की संख्या के बारे में जानकारी हो जाएगी। इससे आपको दस मिनट अपना प्लान बनाने के लिए मिल जाएंगे। इस बात का ध्यान रखें कि कटऑफ प्रश्नपत्र की जटिलता और आसानी के अनुसार बदलता है। सो ऐसे में परीक्षा कठिन हो या आसान, प्रत्येक सेक्शन को समुचित समय दीजिए।

एक समय में एक ही प्रश्न पर फोकस करें। इस बात को लेकर कतई परेशान न हों कि अमुक सेक्शन कठिन आया है। अगर यह सेक्शन कठिन है तो यह सबके लिए होगा और उसका कटऑफ भी उसी अनुसार होगा।

कैट में सफलता के अचूक सूत्र

आश्चर्य से चौंके नहीं : जैसा कि आप जानते हैं कि कैट परीक्षा का प्रारूप पिछले कुछ साल में काफी बदला है। इसके पीछे इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ मैनेजमेंट की सोच है कि प्रवेश के इच्छुक छात्रों में बिजनेस की पल-पल बदलती दुनिया के जटिल हालात का सामना करने की असली योग्यता की जांच पहले से कर ली जाए। बहुत से छात्रों के मन में जहां पेपर के पैटर्न को लेकर संशय रहता है, तो कई छात्र अर्जुन की आंख की तरह अपने लक्ष्य स्पीड, एकूरेसी और रणनीति बनाने की तरफ ही ध्यान देते हैं। कैट की परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, प्रश्न पत्रों में सेक्शन का गठन और आकार, मार्किग स्कीम, निगेटिव मार्किग, समय सीमा और प्रारूप सब कुछ बदलता रहता है। इसलिए परीक्षा में प्रश्नों के अलग-अलग नंबरों को देखकर चौंके नहीं, साथ ही अगर एक से ज्यादा विकल्प सही होना आपके लिए नया न हो। इसके अलावा तार्किक डाटा इंटरप्रिटेशन और तार्किक कंप्रिहेंशन अगर आए तो उसका बेहतर तरीके से जवाब देने में आप सक्षम हों। और हां, यह भी हो सकता है कि पैटर्न में किसी भी तरह का बदलाव न हो।

मौके के अनुसार : अगर आपको लगता है कि अपने मजबूत सेक्शन को दिए गए 45 मिनट बहुत ज्यादा हैं, तो इसके मुताबिक अपने कमजोर सेक्शन की समय सीमा बढ़ा दें। इससे कैट परीक्षा में आपका पर्सेटाइल मजबूत होगा।

स्कोर कार्ड रुके नहीं : वनडे क्रिकेट मैच की तरह कैट की परीक्षा में भी यह जरूरी है कि आपका स्कोर कोर्ड लगातार चलता रहे, इसलिए किसी भी सेक्शन को शुरू करते समय सबसे पहले कमजोर प्रश्नों पर ध्यान दें। वर्बल प्रश्न जैसे समानार्थक, विपरीतार्थक और वाक्यों में गलती जैसे सीधे प्रश्नों के उत्तरों को प्राथमिकता दें, क्योंकि इनमें ज्यादा समय नहीं लगता।

अधिक नहीं, सही जवाबों का महत्त्व : इस परीक्षा में प्रश्नों की अधिकता मायने नहीं रखती। चूंकि इस परीक्षा के माध्यम से ऐसे मैनेजर खोजे जाते हैं, जिनके फैसले अलहदा तो हों, साथ ही बेहतर भी। ऐसे में परीक्षा देते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि गलतियां कम से कम हों, क्योंकि निगेटिव मार्किंग होने की वजह से पर्सेटाइल बिगड़ सकती है।

जरूरी बातों का ध्यान रखें : कुछ छात्रों पर परीक्षा का दबाव इतना ज्यादा हो जाता है कि वह सब कुछ भूल जाते हैं। उन्हें लगने लगता है कि आईआईएम नहीं तो कुछ नहीं। वह अपनी जिंदगी से जोड़ कर इसे देखने लगते हैं। खुद पर नियंत्रण रखें और चीजों में बैलेंस बनाए रखें। विश्वास रखिए कि अगर आपके कॉन्सेप्ट स्पष्ट होंगे और तैयारी बेहतर होगी तो आपको आईआईएम में दाखिला दिलाने से कोई रोक नहीं सकता।

प्रयोगों से बचें

अब किसी भी तरह के नए प्रयोग का समय खत्म हो गया है। जो रणनीति आपको लगातार सफलता दिला रही हो, उस पर अपना ध्यान लगाएं। उदाहरण के तौर पर अगर आप पैसेज को पढ़कर उसके अनुसार प्रश्नों के उत्तर देते हैं, विकल्पों के माध्यम से प्रश्नों को करने को आप ज्यादा तरजीह नहीं देते हैं और इस रणनीति से आप लगातार बेहतर कर रहे हैं तो इस दौरान आप उसमें बदलाव करने की कोशिश न करें।

फोकस रहें

तनाव कम करने के लिहाज से यह तरीका सबसे मुफीद है। कई छात्र इस चक्कर में अपना काफी समय और ऊर्जा जाया कर देते हैं कि अगर ऐसा हो गया तो? अगर कंप्रिहेंशन इस वर्ष नहीं आया? अगर क्वांटिटेटिव एबिलिटी, जो मेरा कमजोर पक्ष है, उसमें प्रश्न काफी कठिन आ गए? अगर मेरा कंप्यूटर बीच परीक्षा में खराब हो जाए तो क्या होगा। देखिए आपका समय बहुमूल्य है। इस दौरान आप उन चीजों के बारे में कतई न सोचें, जिन पर आपका नियंत्रण नहीं है। आप उन बातों पर जोर दें, जिनको आप बेहतर कर सकते हैं।

कैसी हो विषयवार प्लानिंग

क्वांटिटेटिव एबिलिटी

इस प्रश्नपत्र को दो हिस्सों में बांट लें। पहले केवल उन्हीं प्रश्नों को हल करें, जिनमें समय कम लगता हो। दूसरे राउंड में उन प्रश्नों को प्राथमिकता दें, जिनमें 20 से 30 सेकेंड की कैलकुलेशन होती है। तीसरे राउंड में उन प्रश्नों को हल करें, जो काफी कठिन हों और जिनको हल कर सकने के बारे में आपके मन में संशय हो। इसमें आपको इस बात का फैसला करना होगा कि कौन से सवाल करने हैं और कौन से नहीं। इस सेक्शन के लिए अपनी कैलकुलेशन के साथ-साथ स्क्वायर रूट, क्यूब रूट, घन, घनाभ और आइडेंटिटी के प्रश्नों के कॉन्सेप्ट को पुरानी क्लास बुक से समझ लें। ज्यामितीय के पुराने बेसिक, त्रिभुज, कोणों के कॉन्सेप्ट को समझ लें। टॉपिक से जुड़े फॉर्मूलों को याद कर लें। जो प्रश्न काफी जटिल होते हैं, उनको दोहराना न भूलें। साथ ही ऐसे प्रश्नों को एक बार सरसरी निगाह से देख लें, जिनका कॉन्सेप्ट यूनीक हो।

डाटा इंटरप्रिटेशन

कैट परीक्षा में तीन सेक्शनों- अंग्रेजी, क्वांटिटेटिव एबलिटी और डाटा इंटरप्रिटेशन में बेहतर करने को लेकर सभी को चिंता रहती है। डाटा इंटरप्रिटेशन के लिए वैदिक गणित कारगर साबित हो सकता है। इसके माध्यम से आपकी तार्किक क्षमता को आंका जाता है। इस सेक्शन में कैलकुलेशन का मजबूत होना महत्त्वपूर्ण होता है। लेकिन यदि प्रैक्टिस नहीं है, तो इस सेक्शन में कुछ दिक्कतें आ सकती है। ऐसे में इस दौरान मुफीद यह है कि आसान गुणा-भाग, जोड़ना, घटाना करते रहें। परीक्षा के दौरान आपके लिए यह मददगार साबित हो सकता है

इस समय तार्किक शक्ति के नए ग्राफ को हल न करें। अपने पुराने टैस्ट पेपर को भी देख लें।

अंग्रेजी

अंग्रेजी विषय में बेहतर करने के लिए प्रैक्टिस जरूरी है, आपका शब्द ज्ञान जितना बेहतर होगा, उतनी जल्दी आप कंप्रिहेंशन कर पाएंगे। अंग्रेजी में यह बात महत्त्व रखती है। अंग्रेजी में इन चीजों पर कमांड होने पर आप किसी भी स्थिति में अच्छा कर पाएंगे। अंग्रेजी के लिए बताए गए दोनों नियम विपरीत लागू होते हैं। ध्यान रखें कि अगर अंग्रेजी का पेपर आसान आए तो इसमें एकूरेसी रखें और अगर पेपर कठिन आए तो ज्यादा से ज्यादा प्रश्नों को हल करने की कोशिश करें। ध्यान रखिए कि अंग्रेजी में आपको ज्यादा कैलकुलेशन या तकनीक का इस्तेमाल नहीं करना है, इसलिए इसके पेपर में जल्दबाजी न करें। कुछ समय कंप्रिहेंशन पैसेज को पढ़ने के लिए दें। ध्यान रखें कि जो भी पढ़ें, उसे ऐसा पढ़ें कि उससे जुड़े सवालों के जवाब आप तुरंत दें सकें।

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