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डॉं भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा: ग्लोबल करियर है समाजसेवा

डॉं भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा: ग्लोबल करियर है समाजसेवा

आगरा स्थित डॉं भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय का उत्तर प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में कुछ अलग ही रुतबा है। नये-नये कोर्सों को शामिल करना, आधुनिक सुविधाएं देने जैसी तमाम बातों में वह आगे रहता है। एमएसडब्ल्यू जैसे कोर्सों का संचालन सबसे पहले करने का श्रेय भी इसी विश्वविद्यालय को जाता है। समाजसेवा की चाह रखने वाले तमाम युवा इस कोर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। समाजसेविका डॉ. अंजना शर्मा के अनुसार युवाओं की सोच बदल रही है। जहां पहले वे इंजीनियर, आईएएस, वकील आदि क्षेत्रों को प्रमुखता से लेते रहे हैं, वहीं अब युवा कुछ ऐसा कर रहे हैं, जिससे समाज का हर एक व्यक्ति तरक्की की मुख्यधारा से जुड़ सके। 

एमएसडब्ल्यू की खासियत

एमएसडब्ल्यू-यानी मास्टर इन सोशल वर्क की खासियत समाज में व्याप्त कुरीतियों और बुराइयों से लड़ना है। जो लोग समाज सेवा करना चाहते हैं, उनके लिए यह कोर्स वरदान साबित हो रहा है। उन्हें पंजीकृत समाज सेवक कहा जाता है। इस पाठय़क्रम के माध्यम से कोई भी व्यक्ति समाजसेवक बन कर समाज की बुराइयों से लड़ सकता है। एमएसडब्ल्यू पाठय़क्रम की शुरुआत कुछ ही वर्ष पहले हुई थी, पर आज इस क्षेत्र में युवाओं का करियर बूम पर है।

प्रवेश प्रक्रिया

कोर्स में सम्मलित होने के लिए एक एंट्रेस एग्जाम देना पड़ता है। पास करने के बाद एक साक्षात्कार भी देना होता है। दोनों प्रक्रियाओं को पार करने के बाद ही प्रवेश दिया जाता है। साथ में स्नातक में 50 प्रतिशत अंकों का होना भी जरूरी है।

विशेष जरूरत

एमएसडब्ल्यू कोर्स करने के लिए आपके व्यक्तित्व को जांचा-परखा जाता है। आपका स्वभाव बहुत ही मिलनसार और मधुर हो। अक्खड़ स्वभाव वाले व्यक्ति इस क्षेत्र में ज्यादा सफल नहीं हो पाते, क्योंकि समाजसेवा करने के लिए आप में मधुरता और प्रेमभाव जैसे गुणों का होना जरूरी है।

कोर्स की अवधि

एमएसडब्ल्यू की मास्टर डिग्री की अवधि दो वर्ष है, जिसमें सलाना दो बार और छमाई में चार बार परीक्षा ली जाती है, जिनमें चार सेमेस्टर होते हैं। कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया अगस्त और जुलाई तक चलती है। संस्थान में कुल 60 सीटें निर्धारित की
गई हैं।

प्लेसमेंट

विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों के लिए अलग से प्लेसमेंट सेल भी बनाया गया है, जो छात्रों को नौकरी उपलब्ध करवाने में मदद करता है। वहीं विश्वविद्यालय छात्रों को विभिन्न संगठनों, सरकारी संगठनों, गैरसरकारी संगठनों और एनजीओ में भी साक्षात्कार के लिए भेजता है, जिसके माध्यम से छात्रों को रोजगार हासिल करने में आसानी होती है।

संपर्क
डॉं भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, पालीवाल पार्क, आगरा, उत्तर प्रदेश
वेबसाइट- www.dbrau.ac.in

वैश्विक जरूरत है समाज सेवा

आजकल युवाओं में समाज की सेवा करने की ललक है, इसलिए सामाजिक अनुभव पर आधारित शिक्षा की जरूरत ज्यादा समझी जा रही है। मास्टर ऑफ सोशल वर्क के चलते इस कमी की भरपाई की जा सकती है, क्योंकि इसके जरिए इंसान व्यक्तिगत स्तर पर समाज में सेवा की अलख जगा सकता है। युवा भी इस क्षेत्र में अपनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। पाठय़क्रम को आधुनिक रंग-रूप देने के लिए पूरी तरह इसे कंप्यूटराइज्ड कर दिया है।

प्रो. एनके त्रिपाठी
वाइस चांसलर, डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा

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