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मेट्रो व डीटीसी बनाएंगे सिटी का नया रूट प्लान

दिल्ली के मार्गो पर जहां मेट्रो नहीं है, उन मार्गो पर दिल्ली परिवहन निगम की बसें आपको वक्त पर उपलब्ध होंगी। दिल्ली वालों को बेहतर बस सर्विस उपलब्ध कराए जाने के इरादे से सरकार ने यह निर्णय लिया है। बसों का रूट प्लान डीटीसी व दिल्ली मेट्रो मिलकर तैयार करेंगे। सरकार का मानना है कि इससे दिल्ली में डीटीसी बसों की फ्रिक्वेंसी बढ़ाई जा सकेगी। दिल्ली के परिवहन मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीटीसी सभी बसों की निगरानी जीपीएस मॉनीटरिंग सिस्टम से करेगा ताकि बसों का बेहतर बस संचालन किया जा सके।


परिवहन मंत्री ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स में इस्तेमाल की गई बसों भी जल्द ही डीटीसी के बेड़े में शामिल हो जाएंगी। ये बसें सिटी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए प्रयोग की जाएगी। खेलों में करीब 1000 बसों का इस्तेमाल किया जा रहा था। ये बसें डीटसी को मिली शुरू हो गई है और एक सप्ताह के भीतर सभी बसें सिटी सर्विस के लिए उपलब्ध करा दी जाएंगी। दिल्ली में प्रयोग की जा रही 1500 बसों में जीपीएस सिस्टम लगाया है। जीपीएस की मदद से बस की निगरानी एक मुख्य नियंत्रण कक्ष से की जा सकती। परिवहन मंत्री ने बताया कि 6 माह के अंदर सभी डीटीसी बसे इस सिस्टम के तहत आ जाएंगी। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किन एक सामान मार्गो पर डीटीसी की बसें चलाई जा रही है। इन बसों का प्रयोग डीटीसी उन क्षेत्रों में करेगा जहां पर बसों की संख्या कम है। सरकार ने यह निर्णय दिल्ली को बेहतरीन सिटी सर्विस उपलब्ध कराने के इरादे से लिया है।
उन्होंने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स में इस्तेमाल की जा रही बसों में भी स्पीड गर्वनर लगाए जा रहे हैं और ब्लैक फिल्म हटाई जा रही है।
डीटीसी बसों के नए रूट प्लान के संबंध में मेट्रो की तरफ से सरकार को सिफारिश की गई है। सिफारिश में कहा गया है कि जिन मार्गो पर अधिक यात्राी है उन मार्गो पर मेट्रो ने अपनी गाड़ियों में कोच बढ़ा दिए हैं। मेट्रो सर्विस ओवर लोड चल रही है। इसलिए बसों के लिए नया रूट प्लान बनाया जाएगा ताकि लोगों को बेहतर सर्विस मिले। परिवहन मंत्री ने बताया कि डीटीसी की बसों संख्या उतनी ही रहेगी लेकिन डीटीसी के रूट की प्लानिंग को ठीक किया जाएगा। प्लानिंग की मदद से उन मार्गो पर भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी जहां पर बसों की कमी है। उन्होंने बताया कि खेलों के लिए इस्तेमाल की जा रही बसों में स्पीड गर्वनर लगाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूर्ण होगी इन बसों को भी सिटी ट्रांसपोर्ट के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद सरकार इंटर स्टेट सर्विस को बेहतर बनाने की दिशा में काम करेगी।

अब तक क्या है व्यवस्था
डीटीसी बसों के रूट प्लान की व्यवस्था इस समय टाईकिपर संभाल रहे है। यह व्यवस्था काफी पुरानी है और इसके बाद दिल्ली की यातायात व्यवस्था में काफी बदलाव आया है। इस वजह मैनुअल होने की वजह से इस व्यवस्था में बसों का नियोजन सही प्रकार से नहीं हो पा रहा है। इसलिए डीटीसी ने इसे जीपीएस सिस्टम से मॉनीटर करने का निर्णय लिया है।

यात्रियों के लिए कितनी सुविधा जनक होगी व्यवस्था
डीटीसी का कहना है कि नया सिस्टम लागू हो जाने के बाद डीटीसी बसों के चक्कर मिस होने के कारणों का पता चल सकेगा। कॉमनवेल्थ से हटाई गई लाल - हरी बसें भी जल्द ही बेड़े में शामिल हो जाएंगी। इसकी प्रक्रिया चल रही है। इनका इस्तेमाल केवल सिटी रूट पर ही किया जाएगा। इससे बसों की फ्रिक्वेंसी बढ़ जाएगी और लोगों के लिए वक्त पर बस उपलब्ध रहेगी।

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  • Web Title:मेट्रो व डीटीसी बनाएंगे सिटी का नया रूट प्लान