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कर्मचारियों की कमी से नहीं हो रहा मरीजों का इलाज

साइकिलिंग प्रतियोगिता के दौरान स्वास्थ्य विभाग को मिले संसाधन अब कम होने लगे हैं। जो संसाधन मिले भी हैं कर्मचारियों की कमी के कारण उसका उनका उपयोग नहीं किया जा रहा है। साइकिलिंग प्रतियोगिता के दौरान स्वास्थ्य विभाग को नौ एंबुलेंस दिए गए थे।

जिला अस्पताल में 25 बिस्तरों का नया वार्ड बनाया गया था, लेकिन दोनों का उपयोग वर्तमान में नहीं किया जा रहा है। साइकिलिंग प्रतियोगिता के लिए मिले संसाधनों के बाद ऐसा लग रहा था कि स्वास्थ्य विभाग व जिला अस्पताल की तस्वीर बदल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नौ एंबुलेंस में से चार शासन ने वापस ले ली है। वहीं जो एंबुलेंस यहां रखी गई है, ड्राइवर के अभाव में महज शो पीस बनी हुई है। जबकि मेडिकल स्टाफ की कमी के कारण नए वार्ड में इलाज की सुविधा नहीं दी जा रही है। मरीजों के  इलाज के लिए वार्ड शुरू करने के लिए कम से कम तीन स्टाफ नर्स व आधा दजर्न अन्य कर्मचारियों की जरूरत है। जिला अस्पताल प्रबंधन ने इसके लिए शासन व प्राधिकरण को पत्र भी लिखा है। लेकिन अब तक सुविधाएं नहीं दी गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग को दी गई पांच एंबुलेंस के लिए विभाग के पास ड्राइवर उपलब्ध नहीं है। विभाग के पास पांच ड्राइवर हैं, अन्य एंबुलेंस व अधिकारियों के वाहन चलाते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय दीपक वर्मा ने बताया कि ड्राइवर की नियुक्ति शासन स्तर होती है। लिहाजा शासन द्वारा नियुक्ति के बाद ही ड्राइवर रखे जा सकेंगे। वहीं जिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मीना मिश्र बताती हैं कि जब तक स्टाफ नहीं मिल जाते वार्ड चलाना मुमकिन नहीं है।

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