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लिजा रे के लिए उम्मीद की किरण

लिजा रे के लिए उम्मीद की किरण

फिल्म अभिनेत्री लिजा रे खुद को कैंसर ग्रेजुएट कहती हैं। लिजा की पिछली फिल्म दीपा मेहता की ‘फायर’ (2005) थी। अब वह दोबारा इस नवंबर से मुंबई में शूटिंग शुरू करने जा रही हैं। लिजा कहती हैं, मैं भारत में एक प्रोजेक्ट में शामिल हूं, इसकी शूटिंग जल्दी ही शुरू होगी। मैं इसके बारे में ज्यादा जानकारी अभी नहीं दे सकती, लेकिन मैं मुंबई वापस आ गयी हूं। मुझे उम्मीद है नवंबर से इस प्रोजेक्ट की शूटिंग शुरू हो जाएगी। लिजा इस प्रोजेक्ट के बाद कनाडा में एक टीवी शो से भी जुड़ेंगी।
लगभग एक साल पहले, मॉडल और अभिनेत्री लिजा रे को एक विशेष किस्म का कैंसर-मल्टीपल मायलोमा डायग्नोस किया गया था। इसके बाद के कुछ महीने लिजा को पेनफुल कीमोथैरेपी से गुजरना पड़ा। और अप्रैल 2010 में कैंसर को मात देते हुए लिजा को कैंसर फ्री घोषित कर दिया गया। पिछले दिनों इस तरह की खबरें भी आई थीं कि उन्हें बिग बॉस-4 में शामिल होने का न्यौता मिला था। इस पर लिजा का कहना है, ऐसा नहीं था, मेरे ठीक हो जाने की खबर के बाद मेरे पास अनेक किस्म के प्रस्ताव आए, लेकिन मैं कुछ इंतजार करना चाहती थी। कई बार यह केवल टाइमिंग का ही मामला होता है।

2009 में लिजा रे ने अपनी बीमारी की खबर अपने ब्लॉग पर ही उजागर की थी और शायद उनकी यही ईमानदारी थी, जिसने इस खतरनाक बीमारी से उबरने में उनकी मदद की। वह कहती हैं, क्योंकि मैंने अपना अनुभव लोगों के साथ बांटा, इसलिए मुझे लोगों का समर्थन मिला।

मैं चाहती थी कि मैं इस बीमारी से उबर सकूं और लोगों के लिए प्रेरणा बन सकूं, ताकि यदि दूसरे लोग भी इसी तरह की बीमारी से पीड़ित हैं तो वे देख सकें कि कैसे इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के जरिये आप इस पर विजय पा सकते हैं। वह आगे कहती हैं, यहां तक कि अब भी मेरी लोगों से बहुत शानदार बातचीत होती है। हाल ही में मैं आमिर खान और किरण राव से टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में मिली। वे मुझसे बहुत गर्मजोशी से मिले। प्रियंका चोपड़ा ने भी मुझे खासा समर्थन दिया।
स्टेम सैल ट्रांसप्लांट थैरेपी द्वारा कैंसर को मात देने वाली लिजा रे पिछले दिनों ‘रिजनरेटिव साइंस’ को प्रमोट करने के लिए ‘इंडियन स्टैम सैल कॉन्क्लेव एंड एग्जिबिशन 2010’ में शामिल हुईं।

वह कहती हैं, मुझे जीवन में यह दूसरा मौका मिला है और तब से मेरी तकनोलॉजी में गहरी रुचि हो गयी है। अब मैं अपने प्रोफेशन के साथ इस तकनीक के बारे में लोगों को जागरूक भी करना चाहती हूं। वह कहती हैं, कैंसर की तरह ही जीवन में अनिश्चितताएं हैं। मैं सड़क पार करते हुए किसी बस से टकरा सकती हूं। इसी तरह कैंसर से मैं दोबारा पीड़ित हो सकती हूं और नहीं भी हो सकती। लेकिन मैं जीवन के हर  पल को जीना चाहती हूं। एक बार अभिनेता इंग्रिड बर्गमैन ने कहा था, जीवन में खुशी की कुंजी है अच्छा स्वास्थ्य और छोटी याददाश्त। और विश्वास कीजिए उन्होंने बिल्कुल सही कहा था।

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