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आंख मूंदकर धनी देशों के विकास मॉडल नहीं अपनाएं: प्रधानमंत्री

आंख मूंदकर धनी देशों के विकास मॉडल नहीं अपनाएं: प्रधानमंत्री

औद्योगिक राष्ट्रों द्वारा अपनाये गये विकास मॉडल को विकासशील देशों के अस्तित्व के लिए खतरनाक होने की चेतावनी देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को कहा कि विकास के लिए प्रगति के अधिक स्थायी मार्ग खोजने की जरूरत है।

एकेड़मी ऑफ साइंसेज फार द डेवलपिंग वर्ल्ड की वार्षिक बैठक का उद्घाटन करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि व्यावसायिक उपयोग के लिए समूह शोध में बौद्धिक संपदा अधिकार की साझेदारी बहुत बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि हमें इस समस्या का समाधान करने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकासशील देश उष्णकटिबंधीय बीमारियों से लड़ने, परंपरागत कृषि में बदलाव और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने जैसी साझा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित औद्योगिक राष्ट्रों में कम विकास की इन समस्याओं पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता और न ही हम दूसरों से अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद करते हैं।

उन्होंने कहा कि हमने देखा है कि किस तरह औद्योगिक राष्ट्रों द्वारा अपनाए गए विकास के रास्ते हमारे अस्तित्व एवं जिंदगी के लिए खतरनाक हैं। अगर हम ऐसा कोई मार्ग खोज निकालते हैं जो बेवजह हमारी क्षमताओं पर दबाव नहीं डालता और विकास की मूलभूत चुनौतियों से निपटने में सक्षम होता है तो उसका हम अपने खुद के हित में उपयोग करेंगे।

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