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दो टूक (19 अक्टूबर, 2010)

सिविल सेवा परीक्षा का नया प्रारूप जारी हो गया है। अब यह परीक्षा पहले की तरह विषयों पर आधारित न होकर सामान्य अध्ययन और योग्यता या तत्परता जांच पर आधारित होगी और इनके अंक भी समान रहेंगे।

फौरी तौर पर यह व्यवस्था विभिन्न क्षेत्रों और पृष्ठभूमि के प्रतिभागियों के लिए समान अवसर मुहैया करानेवाली लगती है। दूसरी ओर मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे विषयों के छात्रों को भी उतना ही परिश्रम करना होगा।

अब तक साइंस विषयों के ये प्रतिभागी अन्य के मुकाबले आसानी से बाजी मार ले जाते थे। सबसे बड़ा बदलाव जो दिखेगा, वह यह कि अब तक तैयारी के नाम पर कुकुरमुत्ते की तरह उगे जो कोचिंग संस्थान चांदी काट रहे थे, उनकी चमक खत्म होने की पूरी संभावना है।

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  • Web Title:दो टूक (19 अक्टूबर, 2010)