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ठाकरे ने अपने पोते को राजनीति में उतारा

शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे ने रविवार को यहां दशहरा रैली में अपने पोते आदित्य को राजनीति में उतारते हुए उसे पार्टी की युवा शाखा का प्रमुख घोषित कर दिया।
    
रैली के दौरान मंच पर ठाकरे परिवार के तीन पीढी के लोग विराजमान थे।  ठाकरे ने आदित्य ठाकरे को तलवार पेश करते हुए युवा सेना के प्रमुख पद को पूरे जोश के साथ संभालने के लिए प्रेरित किया।

83 वर्षीय ठाकरे ने कहा कि वह पार्टी में वंशवाद राजनीति में विश्वास नहीं करते। पहली बार सार्वजनिक जीवन में पेश हो रहे 20 वर्षीय आदित्य सेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के पुत्र हैं।

उन्होंने यहां शिवाजी पार्क मैदान में आयोजित वार्षिक दशहरा रैली में कहा कि मैं कभी उद्धव को शिवसेना में लेकर नहीं आया। उन्हें कृष्णकुंज वाले शख्स ने (कृष्णकुंज उनके भतीजे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे का आधिकारिक आवास है) बनाया। वास्तव में मैंने इसका विरोध किया था लेकिन पार्टी के सभी पदाधिकारियों ने उद्धव के नेतृत्व को स्वीकार कर लिया।

उन्होंने कहा कि पार्टी की कार्यप्रणाली दुर्बल लोकतंत्र नहीं बल्कि शिवशाही पर चलती है। आप मुझसे पूछे बिना कोई निर्णय नहीं ले सकते। आप मुझे तानाशाह या हिटलर करार दे सकते हैं। लेकिन मैंने यह वंश परंपरा शुरू नहीं की। इस अवसर पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि युवा सेना शिवसेना में शामिल होने वालों के लिए एक प्रवेशद्वार के रूप में होगी।

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