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राजग का प्रधानमंत्री पर जवाबी हमला

बिहार में पहले चरण के मतदान से पहले सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर हमला तेज कर दिया है। जनता दल (युनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री के शनिवार के बयान से उन्हें आश्चर्य हुआ है वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री को राज्य के विकास का विश्लेषण एक अर्थशास्त्री की हैसियत से करना चाहिए था।

बिहार के अररिया जिले के नरपतगंज में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा था कि बिहार को केन्द्र सरकार ने प्रत्येक वर्ष 1000 करोड़ रुपये की राशि भेजी है, परंतु राज्य सरकार की लापरवाही के कारण इसका सदुपयोग नहीं हुआ। पिछले छह वर्षो में बिहार को 6,000 करोड़ रुपये की राशि विकास के लिए भेजी गई। उन्होंने कहा कि केन्द्र की योजनाओं को राज्य सरकार सही ढंग से लागू नहीं करती।

नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री के बयान पर उन्हें आश्चर्य हुआ है कि राज्य को वर्ष 2004 से 1,000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह राशि वर्ष 2004 से नहीं बल्कि वर्ष 2002 से ‘बिहार पुनर्गठन विधेयक’ के पास होने से ही दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जैसे पद पर रहने वाले लोगों को पहले तथ्यों की जानकारी लेने के बाद कोई बात कहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस राशि से जो काम होता है वह केंद्रीय एजेंसियां करती हैं। ऐसे में काम नहीं हुआ तो इसका दोष केंद्र सरकार को जाता है।

पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा और जद (यु) का संयुक्त प्रचार अभियान चल रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी प्रकार की गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि सीट को लेकर या प्रचार को लेकर दोनों दलों में कोई विवाद है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि चरणबद्ध चुनाव में कम अंतराल रहने के कारण नेता अलग-अलग निकल रहे हैं जिससे ज्यादा से ज्यादा सीटों पर जाया जा सके।

नीतीश ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस दोनों पार्टियां मिली हुई हैं। बिहार की जनता को राज्य सरकार नहीं बल्कि केंद्र सरकार गुमराह कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब भी कांग्रेस सत्ता में आती है तो महंगाई बढ़ती है और संघीय ढांचे पर चोट करती है।

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के पास मुद्दा नहीं है इस कारण वह केवल झूठ बोल रहा है। जेटली ने पटना में ही कहा कि बिहार दौरे पर आए प्रधानमंत्री को राज्य के विकास का विश्लेषण एक अर्थशास्त्री की हैसियत से करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव के दौरान जब वह यहां आए थे तो नीतीश कुमार उस समय राज्य की स्थिति बदलने के लिए पांच वर्ष का समय लोगों से मांगा था और कहा था कि अगर स्थिति में सुधार नहीं कर सके तो वह फिर आपके पास नहीं आएंगे।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘आज राज्य के लोग ही नहीं विदेश के लोग भी आकर बिहार में बदलाव की झलक देखते हैं। नीतीश सरकार ने बिहार में बहुत कुछ बदला है। बीते पांच वर्षो में यहां बहुत सुधार हुआ है।’’ जेटली ने प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बिहार में बनी थी तो यहां की विकास दर शून्य से भी नीचे थी जो आज बढ़कर 11 प्रतिशत तक है। उन्होंने कहा कि इस बात की प्रशंसा कोई भी अर्थशास्त्री करेगा।

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