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नेटवर्किंग साइटों से कोर्पोरेट सूचनाएं लीक होने का खतरा

नेटवर्किंग साइटों से कोर्पोरेट सूचनाएं लीक होने का खतरा

कामकाजी लोगों में सोशल नेटवर्किंग साइटों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि इससे संवेदनशील कार्पोरेट सूचनाओं के प्रतिद्वंद्वी कंपनियों को लीक होने का खतरा भी बड़ा है।
  
फेसबुक जैसी सोशल नेटवकिग साइटों का विशेषकर युवा कर्मचारियों में उपयोग निरंतर बढ रहा है। कंपनियां भी अपने उत्पादों तथा सेवाओं के प्रचार प्रसार के लिए इनका उपयोग करने लगी हैं।
 
विशेषज्ञों का कहना है कि कर्मचारी सोशल नेटवकिग या ब्लाग साइटों पर असावधानी से पोस्ट के जरिए प्रतिद्वंद्वी को कार्पोरेट गोपनीय सूचनाएं जुटाने में मदद कर सकते हैं।

डेलाइट इंडिया की लीडर नीता पोटनिस ने कहा कि कुछ कर्मचारी अपने संगठन की योजनाओं, परियोजनाओं, भावी उत्पादों तथा अन्य संवेदनशील सूचनाओं के बारे में कुछ ज्यादा ही लिख देते हैं।

आईटी रिसर्च फर्म गार्टनर के मुख्य व्यापार विश्लेषक आशीष रैना ने कहा कि सोशल नेटवर्किंग साइटों के इस्तेमाल से कंपनी के संवेदनशील डेटा लीक हो सकते हैं।
  
नेटवर्क सेवा प्रदाता नेट4 इंडिया के सीईओ डीएस वल्ली ने कहा कि इस तरह की साइटों के माध्यम से कार्पोरेट जानकारी प्रतिद्वंद्वी के पास जाने का खतरा बना रहता है।

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