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इस्पात परियोजना का आकार व निवेश घटाएगा आर्सेलरमित्तल

इस्पात परियोजना का आकार व निवेश घटाएगा आर्सेलरमित्तल

स्टील बनाने वाली दुनिया की अग्रणी कंपनी आर्सेलरमित्तल ने रविवार को कहा कि वह झारखंड में प्रस्तावित 50,000 करोड़ रुपए की इस्पात परियोजना का आकार और निवेश घटाकर आधा करेगी।

हालांकि कंपनी ने कहा कि दीर्घकाल में वह प्रस्तावित कारखाने की सालाना उत्पादन क्षमता दोगुना कर 1.2 करोड़ टन करने को प्रतिबद्ध है। विभिन्न कारणों से परियोजना पिछले पांच साल से लंबित है।

कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि हम 60 लाख टन सालाना क्षमता वाला कारखाना दो-तीन चरण में बनाने पर विचार कर रहे हैं। हम सहमति पत्र के मुताबिक दीर्घकाल में उत्पादन क्षमता बढ़ाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।

प्रवासी भारतीय अरबपति लक्ष्मी निवास मित्तल के नेतृत्व वाली कंपनी ने अनुमानित 50,000 करोड़ रुपए की लागत से 1.2 करोड़ टन सालाना क्षमता का कारखाना लगाने के लिए 2005 में झारखंड सरकार के साथ सहमति पत्र पर दस्तखत किये थे।

बहरहाल, विनियामकीय बाधा और जमीन अधिग्रहण को लेकर विरोध के कारण परियोजना अब तक शुरू नहीं हो पायी है। कंपनी को मजबूरन परियोजना स्थल भी गुमला और खूंटी जिले से बोकारो के पेटारवार क्षेत्र में ले जाना पड़ा।

इसके अलावा कंपनी की उड़ीसा में छोटे आकार की इकाई लगाने की योजना थी लेकिन वहां भी उसे उसी प्रकार की कठिनाई का सामना करना पड़ा। इन दोनों राज्यों में बाधाओं को देखते हुए कंपनी ने पिछले साल घरेलू स्टील कंपनी उत्तम गल्वा के साथ देश में परिचालन उपस्थिति के लिए समझौता किया।

साथ ही कंपनी ने 30,000 करोड़ रुपए के निवेश से 60 लाख टन क्षमता वाला कारखाना लगाने के लिए कर्नाटक के साथ समझौता किया है। कंपनी की यह परियोजना अगले साल तक शुरू होने की संभावना है।

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  • Web Title:इस्पात परियोजना का आकार व निवेश घटाएगा आर्सेलरमित्तल