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लक्ष्य हासिल करने को परियोजनाओं में तेजी लाए एनएचपीसी

लक्ष्य हासिल करने को परियोजनाओं में तेजी लाए एनएचपीसी

चालू पंचवर्षीय योजना में नए बिजली घरों की स्थापना का लक्ष्य पूरा न होने की आशंकाओं के बीच बिजली मंत्रालय ने एनएचपीसी को विभिन्न परियोजनाओं को लागू करने में तेजी लाने को कहा है। मंत्रालय ने 2007-12 के बीच 62,000 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा है।

बिजली मंत्रालय कंपनी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर रहा है और उनसे 800 मेगावाट की पार्बती-2 (हिमाचल प्रदेश) और 2,000 मेगावाट की लोवर सुबनसिरि (अरुणाचल प्रदेश) पनबिजली परियोजनाओं में विलंब का कारण पूछा है।

घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पर्यावरण से जुड़े मुद्दों के चलते इन परियोजनाओं पर काम लटका पड़ा है। बिजली मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि एनएचपीसी को पर्यावरण से जुड़े मुद्दों एवं स्थानीय स्तर पर विरोध के चलते इन परियोजनाओं पर काम करने की अनुमति नहीं मिली है। पश्चिम बंगाल में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा द्वारा विरोध प्रदर्शन से तीस्ता लो डैम-3 (130 मेगावाट) और तीस्ता लो डैम-4 (160 मेगावाट) पर काम बाधित हुआ है।

भूगर्भीय मुद्दों से एनएचपीसी की 231 मेगावाट की चमेरा-3 परियोजना प्रभावित हुई है जो हिमाचल प्रदेश में स्थित है। वहीं जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था संबंधी समस्याओं से राज्य में कंपनी की तीन परियोजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

उल्लेखनीय है कि 4,000 मेगावाट की स्थापित क्षमता वाली एनएचपीसी ने चालू पंचवर्षीय योजना के अंत तक अपनी क्षमता बढ़ाकर 10,000 मेगावाट से अधिक पहुंचाने की योजना बनाई है।

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