DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कॉमनवेल्थ गेम्स ने भारत की छवि को नुकसान पहुंचायाः अय्यर

कॉमनवेल्थ गेम्स ने भारत की छवि को नुकसान पहुंचायाः अय्यर

हाल में संपन्न राष्ट्रमंडल खेलों को निशाना बनाना जारी रखते हुए पूर्व खेल मंत्री मणिशंकर अय्यर ने रविवार को कहा कि भारत को अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने वाली प्रतियोगिताओं पर करोड़ों रुपए खर्च करने की जगह गरीबों की स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।

अय्यर ने से कहा कि मुझे बताइये कि अगर स्टेडियम खाली थे तो उन मजदूरों के बच्चों को आमंत्रित करके मुकाबले क्यों नहीं दिखाये गये जिन्होंने स्टेडियम बनाये थे। लेकिन नहीं वे मध्यमवर्गीय थे। उन्होंने कहा, केवल पीएलयूज (पीपल लाइक अस, हमारे जैसे लोग) को ही स्टेडियम में आने का मौका दिया गया और वह काफी संख्या में नहीं आये।

कांग्रेस के सांसद ने कहा कि जवाहर नेहरू स्टेडियम में सुधार के लिए जो 960 करोड़ रुपए खर्च किये गये उनका बेहतर इस्तेमाल हो सकता था। अय्यर ने कहा कि आजादी के बाद पिछले 63 साल में भारत की छवि को किसी चीज ने इतना नुकसान नहीं पहुंचाया जितना हाल में संपन्न राष्ट्रमंडल खेलों ने पहुंचाया।

उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि दुनिया ने कभी हमें इतना कम आंका और ऐसी असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया जैसा कि हमने पिछले कुछ हफ्तों में देखा। बारह दिवसीय प्रतियोगिता पर कुल खर्च राशि के संदर्भ में अय्यर ने कहा कि अपनी बदनामी के लिए 70 हजार करोड़ खर्च किये गये।

यह पूछने पर कि क्या खेल सफल रहे जैसा कि सरकार ने दावा किया, अय्यर ने कहा कि यह प्रतियोगिता भारत को वैश्विक स्तर पर शीर्ष देश के रूप में दिखाने में असफल रही। उन्होंने कहा कि मैं सुनिश्चित नहीं हूं कि हम पश्चिमी देशों या अफ्रीका को भी खुद को उभरी हुई आर्थिक ताकत के रूप में दिखाने के अपने इस लक्ष्य में कामयाब हुए।

इस पूर्व मंत्री ने कहा कि भारत में गरीबी और लाखों महिलाओं और बच्चों को आधारभूत स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में विफलता को देखते हुए सवाल यह नहीं है कि खेल सफल रहे या नहीं बल्कि सवाल यह है कि क्या प्रतियोगिता पर इतनी भारी भरकम राशि निवेश की जानी चाहिए थी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:कॉमनवेल्थ गेम्स ने भारत की छवि को नुकसान पहुंचायाः अय्यर