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बिजली निगम का दरबार मात्र औपचारिकता बना

ऊंचा गांव में लगा बिजली निगम का दरबार मात्र औपचारिकता बनकर रह गया। अधिकारियों की एक लंबी जमात मौके पर अवश्य मौजूद थी, लेकिन उपभोक्ताओं की संख्या केवल मात्र चार रही। जिसमें से तीन उपभोक्ताओं की परेशानी का कोई हल नहीं निकला और एक उपभोक्ता अपनी लिखित शिकायत देकर मौके से चला गया। दरबार की अध्यक्षता कार्यकारी अभियंता एम.एल.रोहिल्ला ने की। हालांकि दरबार शुरू होने के करीब एक घंटे बाद एसई आर.एन.गर्ग भी मौके पर पहुंच गए। करीब दो घंटे तक चलने वाले दरबार में निरसता छाई रही है।


बिजली समस्या से तुरंत देने के लिए बिजली विभाग द्वारा लगाए जाने वाले खुले दरबार बेअसर साबित हो रहे है। अधिकारी-कर्मचारी घंटों बैठकर बिना किसी खास नतीजे के वापिस लौट जाते हैं। शनिवार को ऐसा ही एक नजारा ऊंचा गांव स्थित बिजली कार्यालय में देखने को मिला। दरबार में एसई आर.एन.गर्ग, कार्यकारी अभियंता एम.एल.रोहिल्ला, एसडीओ एस.पी.सिंह, एसडीओ कुलदीप अत्री आदि मौजूद हुए। दरबार ठीक दस बजे शुरू हो गया। महावीर कालोनी का रमेश पहले उपभोक्ता के रूप में करीब 11 बजे दरबार में पहुंचा। जिसका मीटर बेहद चलने की शिकायत थी। लेकिन वह अपनी लिखित शिकायत अधिकारियों को थमा कर निकल लिए। इसके बाद प्रेम नगर की जयपाली ने अपनी शिकायत रखी कि उसका मीटर शुक्रवार को निगम कर्मचारियों ने उतार लिया है। उस पर आरोप है कि पांच माह पहले उस पर चोरी का केस बनाया गया। जिसमें लगा जुर्माना उसने भरा नहीं। जो अब बिल में लग कर आ गया है। जयपाली का आरोप है कि उसे पता तक नहीं है कि उसके घर में बिजली चोरी कब पकड़ी गई। तीसरा उपभोक्ता खंबा सीधा करने की शिकायत करने को लेकर मौके पर पहुंचा। चौथा उपभोक्ता बिजली बिल ठीक कराने को लेकर मौके पर पहुंचा।

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