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इंटरनेट के सदाबहार खतरे

किसी दिन सुबह सुबह आप अपना कंप्यूटर चालू करते हैं तो पाते हैं कि वह खराब है। जरा याद कीजिए कि आपने अपने कंप्यूटर पर हाल ही में क्या काम किया था। बहुत संभव है कि आपने किसी खतरनाक वायरस युक्त वेबसाइट का भ्रमण किया हो, किसी ईमेल में आए वायरस युक्त संलग्क को खोला हो अथवा किसी संक्रमित यूएसबी ड्राइव इस्तेमाल किया होगा।
भले ही आपने अपने कंप्यूटर पर इंडस्ट्री का सबसे बढ़िया एंटीवायरस और फायरवॉल लगाया हुआ हो, मगर इंटरनेट के उत्पाती इन्हें मात देने के लिए नए उपक्रम करते रहते हैं। आइए, आज निगाह डालते हैं नेट के ऐसे ही कुछ सदाबहार खतरों पर, जिनसे बचना ही उत्तम उपाय है।

फ्लैश आधारित साइटें
काम के दौरान आप पाँच मिनट का गैप लेते हैं और किसी ऑनलाइन फ्लैश गेम को खेलकर मन प्रफुल्लित करते हैं, मगर आपका यह कदम कंप्यूटर के लिए खतरनाक होता है। फ्लैश सॉफ्टवेयर प्रोग्राम पिछले कुछ समय से मालवेयर परोसने का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। साथ ही जब आप फ्लैश आधारित कोई ऑनलाइन प्रोग्राम चलाते हैं तो आपके कंप्यूटर में फ्लैश कुकीज प्लांट हो जाते हैं। ये फ्लैश कुकीज आपके कंप्यूटर के सेंसिटिव डाटा ट्रैक कर सकने में समर्थ होते हैं। इन्हें आप सामान्य कुकीज की तरह मिटा भी नहीं सकते।
बेहतर यही है कि आप अपने ब्राउजर में फ्लैश को अक्षम कर रखें, और यदि आप फ्लैश आधारित प्रोग्राम व साइटों पर भ्रमण करते रहते हैं तो ब्राउजर के फ्लैश प्लगइन करते रहें।

छोटे यूआरएल
वेब पर आजकल छोटे यूआरएल का प्रचलन बढ़ा है। लंबे व बड़े यूआरएल को प्रयोग करने में अनावश्यक परेशानी से बचने के लिए टाइनी यूआरएल जैसे यूआरएल शार्टनर का प्रचलन चालू हुआ था जिसे हाथों हाथ लिया गया और ट्विटर जैसी सेवाएं इसे डिफॉल्ट और अंतर्निर्मित प्रयोग कर रही हैं। इसमें खतरा यह होता है कि शॉर्ट यूआरएल से आप उसके पेरेंट यूआरएल का अंदाजा नहीं लगा सकते। ट्विटर के किसी ट्वीट पर किसी शॉर्ट यूआरएल को क्लिक करेंगे तो हो सकता है कि वो किसी पोर्न साइट पर आपको ले जाए। मालवेयर परोसने वाले आजकल अधिकतर ऐसे ही यूआरएल शॉर्टनर सेवाओं का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से टाइनी यूआरएल का यूआरएल प्रीव्यू सेवा का प्रयोग करें।

ईमेल और ईमेल संलग्नक
ईमेल संदेशों का एक बड़ा हिस्सा 90 प्रतिशत से अधिक फालतू (स्पैम) ही होता है। मगर अपराधियों ने इसे चारा फेंक कर शिकार फांसने का बढ़िया साधन बना लिया है। नित्य ही अखबारों पर आप रिजर्व बैंक के चेतावनी भरे संदेश देखते होंगे कि नेट पर लाटरी, ईनाम के चक्कर में न पड़ें और न ही बैंक खाता जानकारी इत्यादि दें, मगर इसके बावजूद मासूम इंटरनेट उपयोक्ता इन फिशरों के जाल में फंस ही जाते हैं। इसी प्रकार ईमेल संलग्नक भी कई बार प्रयोगकर्ताओं का बेड़ा गर्क करते हैं। आपके ईमेल में किसी जाने-अनजाने व्यक्ति से कोई अटैचमेंट आता है और जैसे ही आप उसे खोलते हैं तो हो सकता है कि आपका कंप्यूटर वायरसों से संक्रमित हो जाए। ऐसे संलग्नक जिन्हें आपने मंगाया ही नहीं, कतई न खोलें, भले ही वह आपके परिचित से आया हो।

सॉफ्टवेयर डाउनलोड में मालवेयर
इंटरनेट में मुफ्त में हर किस्म का असीमित गीत-संगीत वीडियो डाउनलोड उपलब्ध है। द पायरेट बे जैसी टॉरेंट साइटों के जरिए आप तमाम किस्म के लाइसेंस व क्रेक किए सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर सकते हैं, मगर बहुत मर्तबा ऐसी मुफ्त डाउनलोड प्रदान करने वाली साइटों के जरिए आपके डाउनलोड के साथ साथ वायरस और मालवेयर भी एक पे एक फ्री की तरह डाउनलोड हो जाते हैं। कई क्रेक किए प्रोग्राम वस्तुत: मालवेयर और ट्रोजन ही होते हैं जो आपके कंप्यूटर से बहुधा बैंकिंग इत्यादि की महत्वपूर्ण जानकारी चुपचाप जुटाकर इंटरनेट के अपराधियों को प्रेषित करते हैं।

सर्च इंजनों के जहरीले लिंक
मासूम इंटरनेट प्रयोक्ताओं को एक सर्वथा नए तरह के खतरों से जूझना पड़ रहा है। आप इंटरनेट पर कुछ सर्च करते हैं और आपके सामने उससे संबंधित कुछ लिंक आते हैं। आप किसी लिंक पर इस आशा से क्लिक करते हैं कि वहां आपके काम की कोई सामग्री मिलेगी, पर वहाँ ऊलजुलूल जानकारी मिलती है और आप वहाँ से हट जाते हैं, मगर इस बीच आपके कंप्यूटर पर उस लिंक में स्थित स्क्रिप्ट का मालवेयर अपनी पैठ जमा चुका होता है। कंप्यूटर सेक्योरिटी कंपनी मैकएफी के अनुसार, कैमरन डियाज व स्क्रीनसेवर नाम से इंटरनेट पर सर्च करने पर कोई 19 प्रतिशत लिंक ऐसे प्रकट होते हैं जिनमें किसी न किसी तरह का मालवेयर होता है। साइबर संसार के शातिर सर्च इंजन ऑप्टीमाइजेशन तकनीक का प्रयोग कर ऐसे खतरनाक लिंकों को इंटरनेट पर सर्वाधिक खोजे जाने वाले शब्दों के साथ जोड़ देते हैं और इस तरह अपने शिकार फांसते हैं।

भ्रामक विज्ञापन
इंटरनेट पर डाटा एंट्री कर या विज्ञापन देख कर हर महीने हजारों रुपए घर बैठे कमाएँ! आपने ऐसे विज्ञापन अखबारों के क्लासीफाइड कलम में तो देखे ही होंगे, इन बॉक्स में चेन मेल या स्पैम के रूप में भी ये दिखे होंगे। तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये सिर्फ शिकार फांसने वाले और बहुधा नेटवर्क मार्केटियरों के शिकार फंसाने के फंदे होते हैं, और ऐसी योजनाओं में फंसकर आप नुकसान ही उठाते हैं, फायदा कुछ नहीं होता। ऐसे विज्ञापन देने वाले यदि ऐसा कुछ होता तो पहले वे खुद घर बैठे हजारों कमाते। 

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