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विजेंदर-अखिल के हारने से हम पर काफी दबाव था: संधू

विजेंदर-अखिल के हारने से हम पर काफी दबाव था: संधू

राष्ट्रीय कोच जीएस संधू ने गुरुवार को कहा कि बीजिंग ओलंपिक कांस्य पदकधारी विजेंदर सिंह और गत चैम्पियन अखिल कुमार के हारने से सभी कोच और मुक्केबाजों पर काफी दबाव था।

संधू ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि हम पर काफी दबाव था क्योंकि हमारे दो स्टार मुक्केबाज पहले ही बाहर हो गए थे। इसके अलावा हमें मनप्रीत और दिनेश से काफी उम्मीदें थी लेकिन वे पहले ही हार गए। सुरंजय सिंह को फाइनल में वाकओवर मिला जबकि मनोज कुमार और परमजीत समोटा ने कल खिताबी मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किए।

उन्होंने कहा कि लेकिन फाइनल में पहुंचने वाले तीनों मुक्केबाजों के साथ अलग अलग कोचों को लगा दिया था, जिससे रणनीति बनाई जा सकें और यह योजना सफल रही। संधू ने कहा कि लेकिन इन मुक्केबाजों ने दिखा दिया कि हमारी क्या ताकत है। इससे महासंघ और साइ को सकारात्मक संदेश गया है कि हमारे युवा मुक्केबाजों में भी दम है। हम काफी खुश हैं कि भविष्य में अब उनका उज्जवल है।
 
सुरंजय ने कहा कि विजेंदर और अखिल के हारने से हम काफी निराश हो गए थे तो हमने सोचा कि हम तीनों फाइनल में धमाल करके दिखाएंगे और हमने ऐसा ही किया। उन्होंने कहा कि मैं तो फाइनल में लड़ने की तैयारी में था, लेकिन मैंने नहीं सोचा था कि मैं रिंग में उतरे बिना ही जीत जाऊंगा।
 
मनोज ने चोट के बारे में पूछने पर कहा कि मैं पूरी मेहनत कर रहा था जिसका मुझे फल मिला। मैंने अपने गार्ड पर काफी ध्यान दिया था और इससे ही मैं स्वर्ण पदक जीत पाया। उन्होंने कहा कि वह फ्रेक्चर के बावजूद खेलते रहे थे, लेकिन जब दर्द बढ़ गया तो ही उन्होंने एक्स-रे करवाया और उसमें फ्रेक्चर का पता चला। मनोज ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में चोट को पूरी तरह ठीक किया और अब मैंने शानदार वापसी की।
 
परमजीत ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा था कि मैं स्वर्ण जीत जाऊंगा और मैंने अपने पापा का सपना पूरा किया। मेरे गांव वाले मेरा इंतजार कर रहे हैं। हम बहुत खुश हैं।
 

 

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